मुंबई में 16 वर्षीय स्कूली छात्र के साथ यौन उत्पीड़न का अनोखा मामला सामने आया है। यौन उत्पीड़न के इस मामले में उसकी 40 साल की महिला टीचर ही आरोपी है। टीचर ने नाबालिक लड़के को अपने जाल में फंसाने के लिए उसे कई तरह की कहानी सुनाईं और उसे मानसिक रूप से प्रभावित करने के लिए एंटी-एंग्जाइटी दवाएं भी दीं।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब नाबालिग युवक के माता-पिता ने शिकायत की कि उनका बेटा इन दवाओं का सेवन कर रहा था। पुलिस ने भी POCSO (यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण का कानून) की विशेष अदालत से महिला टीचर की मानसिक स्वास्थ्य जांच कराने की बात कही है। पुलिस को शक है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए महिला टीचर मानसिक स्वास्थ्य का बहाना बना सकती है।
पुलिस ने जानकारी दी कि महिला टीचर ने अपने दोस्त की मदद से भी छात्र बरगलाने की कोशिश की। महिला टीचर का वह दोस्त अभी फरार है। पुलिस अब स्कूल के अन्य छात्रों से भी पूछताछ करने की योजना बना रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं टीचर ने अन्य छात्रों के साथ भी उत्पीड़न तो नहीं किया।
टीचर ने साल 2024 में ही स्कूल से इस्तीफा दे दिया था। पुलिस टीचर के इस्तीफे के कारणों की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार टीचर ने छात्र को यह कहकर भी प्रभावित करने की कोशिश की थी कि 'छात्रों और बड़ी उम्र की महिलाओं के बीच संबंध आम बात है।'
