मुंबई

Mumbai में ‘Kashmir का केसर’ उगा रहा यह शख्स, 160 स्क्वायर फीट में इस तकनीक से कर रहा खेती

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 17, 2022, 02:59 PM IST

Mumbai News: मुंबई में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का हैरान कर देने वाला कारनामा देखने को मिला है। उसने छोटे से मोबाइल कंटेनरों में जम्मू-कश्मीर में उगने वाली केसर की खेती की है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इस खेती की शुरुआत 10 लाख रुपयों के साथ की है, जिसका उन्हें भरपूर फायदा मिल रहा है।

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सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने की केसर की खेती

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने की केसर की खेती
  • छोटे से मोबाइल कंटेनरों में केसर उगाते हैं
  • 10 लाख रुपये निवेश कर शुरू की खेती

Mumbai News: भारत में अब नए-नए तरीके से खेती की जा रही है। इस आधुनिक वक्त में खेती के बहुत सी नई तकनीक भी विकसित हो गई हैं। वहीं पढ़े-लिखे युवा भी खेती की ओर अपनी रुचि दिखा रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण महाराष्ट्र में देखने को मिला है। जहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी छोड़ खेती करने का फैसला किया है। हैरान कर देने वाली बात यह इंजीनियर महाराष्ट्र में कश्मीर की केसर की खेती कर रहा है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर का नाम शैलेश किशोर मोदक है। पुणे के रहने वाले शैलेश किशोर मोदक इन दिनों केसर की खेती करने को लेकर पूरे महाराष्ट्र में सुर्खियों में हैं। उन्होंने नई तकनीक से जम्मू-कश्मीर में उगने वाली केसर की खेती मुंबई में की है। उनके इस हुनर को जानकर हर कोई हैरान है।

मोबाइल कंटेनरों में केसर की खेती

खास बात यह है कि शैलेश मोदक ने मोबाइल कंटेनरों में केसर की खेती शुरू की थी। इस बारे में शैलेश मोदक ने बताया है कि इस तरह से केसर की खेती करने के लिए उन्होंने एक बार में 10 लाख रुपये का निवेश किया था। जिसका उन्हें पूरा फायदा मिला है। शैलेश मोदक बताते हैं कि केसर की खेती के लिए वह कश्मीर से बीज लेकर आए थे। फिर एरोपोनिक तकनीक का इस्तेमाल करके उन्होंने केवल 160 वर्ग फुट क्षेत्र में केसर उगाई। शैलेश मोदक ने आगे बताया है कि वह और उनकी टीम मोबाइल के शिपिंग कंटेनर में केसर की खेती कर रहे हैं।

ऐसे की शुरुआत

हैरान कर देने वाली यह है कि केसर की खेती बिना मिट्टी के हो रही है। उन्होंने बताया है कि वह बिना मिट्टी के खेती करने वाली हाइड्रोपोनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। शैलेश के अनुसार ने उन्होंने पहले हरी सब्जियां और स्ट्रॉबेरी उगाई थी, जिसमें उन्हें काफी सफलता मिली थी। इस सफलता को ध्यान में रखते हुए शैलेश मोदक ने केसर की खेती करना का फैसला किया है, जिसका उन्हें अच्छा परिणाम मिल रहा है। आपको बता दें कि भारत में केसर की सबसे ज्यादा खेती जम्मू-कश्मीर में होती है। इसकी खेती वहां के वातावरण के अनुकूल की जाती है। कश्मीर की केसर की दुनियाभर में अच्छी-खासी मांग है। ये हजारों रुपए प्रति किलो में मिलती है।
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