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Maharashtra News: महाराष्ट्र के स्कूलों में 3 साल से छोटे बच्चों का नहीं होगा एडमिशन, न्यूनतम उम्र सीमा में बदलाव

महाराष्ट्र के स्कूलों में नर्सरी क्लास के बच्चों का एडमिशन 3 साल की उम्र में ही होगा। इसके लिए न्यूनतम उम्र की सीमा में बदलाव किया जा रहा है। अगले शैक्षणिक वर्ष से यह नियम लागू होगा।

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नर्सरी क्लास की उम्र सीमा में बदलाव (फोटो साभार - ट्विटर)

Nursery Admission Age In Maharashtra: महाराष्ट्र के स्कूलों में अब तीन साल से कम उम्र के बच्चों को स्कूल में एडमिशन नहीं मिलेगा। अगले शैक्षणिक साल से नर्सरी क्लास में एडमिशन लेने वाले बच्चों की न्यूनतम उम्र तीन साल होने वाली है। इस नियम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अभी कई स्कूलों में बच्चों को 2.5 साल या उससे कम उम्र में नर्सरी में प्रवेश मिल जाता है। जिसका कुछ शिक्षाविद् विरोध कर रहे हैं। नर्सरी में 2.5 की उम्र में एडमिशन लेने से बच्चे 5.5 की उम्र में ही क्लास 1 में आ जाते हैं। कम उम्र में स्कूल में दाखिला लेने से जिन बच्चों को प्लेग्रुप में होना चाहिए, वे नर्सरी की पढ़ाई कर रहे होते हैं।

महाराष्ट्र में इस नए नियम के लागू होने के बाद अगले शैक्षणिक साल से सिर्फ तीन साल की उम्र के बच्चे ही नर्सरी में एडमिशन पा सकेंगे। इस नियम से यह सुनिश्चित होगा कि महाराष्ट्र के स्कूलों में एडमिशन का मानदंड राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुसार ही है। इस नियम के अनुसार क्लास 1 में एडमिशन लेने वाले बच्चों की उम्र 6 साल होनी चाहिए। इसके लिए नर्सरी के बच्चों को 3 साल में एडमिशन लेना चाहिए। इस शैक्षणिक साल के लिए नर्सरी क्लास में बच्चों का एडमिशन पहले ही शुरू हो चुका है। इसलिए अगले शैक्षणिक साल में इस नियम के लागू होने की उम्मीद है।

शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से लागू होगी नई नीति

राज्य निदेशक (प्राथमिक शिक्षा) शरद गोसावी ने कहा कि कि नर्सरी में प्रवेश पाने वाले बच्चों की नई आयु सीमा पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इस संबंध में घोषणा की जाएगी और यह उम्र सीमा का नया नियम शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से लागू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि नई नीति को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से तैयार किया जा रहा है, जो आंगनबाड़ियों को भी संभालती है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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