मुंबई

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा ऐलान, जून-सितंबर की भारी बारिश से प्रभावित मछुआरों के लिए विशेष पैकेज घोषित

जून से सितंबर के दौरान महाराष्ट्र में हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण मछुआरों की आजीविका बहुत प्रभावित हुई है। इस दौरान नावों नष्ट हुई, मछली पकड़ने के जाल क्षतिग्रस्त हुए और मछली के भंडार को नुकसान पहुंचा। इसे देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने वित्तीय सहायता और रियायत देने की घोषणा की है। अत्यधिक भारी बारिश के कारण नावों नष्ट हुई, मछली पकड़ने के जाल क्षतिग्रस्त हुए और मछली के भंडार को नुकसान पहुंचा।

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महाराष्ट्र सरकार का मछुआरों के लिए बड़ा ऐलान (Photo Canva)

महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार यानी आज, 29 अक्टूबर को मछुआरों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। सरकार द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, उन मछुआरों को वित्तीय सहायता और रियायत देने की घोषणा की जिनकी आजीविका इस साल जून और सितंबर के बीच अत्यधिक बारिश और बाढ़ के कारण प्रभावित हुई है। राज्य मत्स्य विभाग द्वारा जारी एक सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, भारी बारिश और बाढ़ के कारण जिनकी नावें, मछली पकड़ने के जाल या मछली के भंडार को नुकसान पहुंचा, उनके लिए एक विशेष राहत पैकेज को मंजूर किया गया है।

मछुआरों के लिए राहत पैकेज

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस पैकेज के तहत प्रभावित मछुआरों को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त नावों के लिए 6,000 रुपये और पूरी तरह से नष्ट हुई नावों के लिए 15,000 रुपये का मुआवजा की घोषणा की है। दूसरी तरफ पूरी तरह और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मछली पकड़ने के जालों के लिए मछुआरों को क्रमशः 4,000 रुपये और 3,000 रुपये की राहत राशि दी जाएगी। वहीं मछली भंडार के नुकसान पर मछुआरों को 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मछलियों के अपेक्षित उत्पादन के 50 प्रतिशत तक सहायता दिए जाने का ऐलान किया गया है।

सरकार ने जिलों के अधिकारियों को जमीनी स्तर पर निरीक्षण करने और मंजूरी के लिए मत्स्य सहायक आयुक्त के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है। राहत राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। सरकारी प्रस्ताव में कहा गया है कि जिला स्तरीय समितियों को स्थानीय अधिकारियों की भागीदारी से नुकसान की रिपोर्ट का सत्यापन करना होगा, जिसमें तलाठी (राजस्व अधिकारी), सरपंच और मत्स्य सहकारी समितियों के प्रतिनिधि शामिल हैं। मत्स्य आयुक्त को वितरण प्रक्रिया की समीक्षा करने और सरकार को नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने का काम सौंपा गया है।

(इनपुट - भाषा)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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