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Chitrakoot Defence Corridor: रक्षा हब बनने को तैयार यूपी, चित्रकूट डिफेंस नोड ने पार की सारी बाधाएं, खुलेंगे रोजगार के अवसर

Chitrakoot Defence Corridor: यूपी के 6 जिलों में डिफेंस कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है। इसमें चित्रकूट डिफेंस कॉरिडोर भी शामिल है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा इसे मंजूरी दे दी गई है। आइए आपको चित्रकूट डिफेंस कॉरिडोर के बारे में बताएं -

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चित्रकोट डिफेंस कॉरिडोर

Chitrakoot Defence Corridor: उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है। यूपी के 6 जिलों में डिफेंस कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है, जिसमें चित्रकूट भी शामिल है। लेकिन चित्रकूट डिफेंस कॉरिडोर के विकास में कई अड़चन थी। इन सभी अड़चनों को पार करते हुए आखिरकार चित्रकूट डिफेंस कॉरिडोर को मंजूरी मिल ही गई। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (Ministry of Environment, Forest and Climate Change) द्वारा चित्रकूट नोड को मंजूरी दे दी गई है। मंजूरी मिलने के बाद इस डिफेंस कॉरिडोर को खुटरिया गांव में बनाया जाएगा। चित्रकूट डिफेंस कॉरिडोर भारत की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा और विकास की गति को और तेज करने में लाभकारी साबित होगा। यहां ड्रोन से लेकर मिसाइल तक रक्षा से संबंधित उपकरणों का निर्माण किया जाएगा।

सभी मानकों पर सही पाया गया क्षेत्र

राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर चित्रकूट डिफेंस कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। मंजूरी प्राप्त करने के लिए प्राधिकरण ने प्रस्तावित क्षेत्र की जांच-पड़ताल की और सभी मानकों पर क्षेत्र को सही पाया। प्राधिकरण ने बताया कि इस क्षेत्र के 10 किमी तक की दूरी पर वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary) और नेशनल पार्क नहीं है। इसके साथ ही ये भी बताया गया है कि क्षेत्र का 33 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन बेल्ट होगा और धूल व धुंए से पूरी तरह से मुक्त होगा।

इन मानकों का करना होगा पालन

राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण ने जानकारी देते हुए बताया कि वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, ऊर्जा संरक्षण, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और ध्वनि नियंत्रण जैसे सभी मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

रक्षा उपकरणों का होगा निर्माण

यूपी में बनने वाले सभी डिफेंस कॉरिडोर में रक्षा उपकरणों का विकास किया जाएगा। इसमें ड्रोन, हेलीकॉप्टर, विशेष प्रकार के वाहन, रोबोटिक, मिसाइल, फायरिंग रेंज वाले उपकरण, हथियार, टैंक, मोटर इंजन आदि जैसे कई रक्षा उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। इनके निर्माण में राष्ट्रीय कंपनियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां भी अपना योगदान देने में दिलचस्पी दिखा रही हैं।

पांच हजार करोड़ की इंडस्ट्री का होगा विकास

जानकारी के लिए बता दें की चित्रकूट डिफेंस कॉरिडोर का विकास उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण यानी यूपीडीए (Uttar Pradesh Development Authority- UPDA) द्वारा किया जाएगा। यूपीडीए द्वारा 5 हजार करोड़ की इंडस्ट्री का विकास किया जाएगा। इससे देश के विकास को गति मिलेगी और लोगों के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। डिफेंस नोड के विकास से अप्रत्यक्ष व प्रत्यक्ष रूप से करीब 1 लाख से अधिक लोगों को नौकरी करने का अवसर प्राप्त होगा।

चित्रकूट डिफेंस कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित क्षेत्र

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चित्रकूट डिफेंस कॉरिडोर का विकास 102 हेक्टेयर में किया जाएगा। इसमें 33.6 हेक्टेयर क्षेत्र ग्रीन बेल्ट भूमि, 8.3 हेक्टेयर भूमि सड़क निर्माण के लिए, 3.8 हेक्टेयर में आवश्यक सेवा और सुविधाओं के लिए और कामन ग्रीन बेल्ट के लिए 18.9 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है। उसके अलावा इकाइयों के लिए प्रस्तावित 70 हेक्टेयर भूमि में 14.3 हेक्टेयर भूमि हरित क्षेत्र के लिए रखी गई है।

यूपी के इन जिलों में बन रहा है डिफेंस कॉरिडोर

उत्तर प्रदेश विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश रक्षा उत्पादनों का हब बनने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश के चित्रकूट सहित 6 जिलों में डिफेंस कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है। बता दें कि इसमें आगरा, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अलीगढ़ शामिल है। इतना ही नहीं भारत की कई राष्ट्रीय कंपनियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों ने भी यूपी में तैयार हो रहे डिफेंस कॉरिडोर में रक्षा उपकरण बनाने में रुचि दिखाई है। इसके संबंध में यूपी सरकार को 25 हजार करोड रुपये का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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