लखनऊ

शादी से पहले छुपाई HIV पॉजिटिव होने की बात, जब पत्नी हुई संक्रमित तो मायके छोड़कर हुआ फरार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 9, 2023, 11:33 AM IST

Meerut News: पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि आरोपी पहले से ही एचआईवी से संक्रमित था, लेकिन उसने शादी के दौरान इस बात को छुपाया था। शादी के बाद उनकी बेटी भी इस बीमारी से संक्रमित हो गई और उसे एड्स हो गया।

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पत्नी को संक्रमित करने के बाद पति हुआ फरार

Photo : BCCL

Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसका पति HIV पॉजिटिव था, लेकिन शादी के दौरान उसने यह बात छुपाई। जब महिला भी एचआईवी संक्रमित हो गई तो उसका पति उसे मायके छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने महिला के परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला मेरठ के पल्लवपुरम थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, यहां रहने वाले व्यक्ति ने 2021 में अपनी बेटी की शादी जानी थाना क्षेत्र के युवक से की थी। परिजनों का दावा है कि उन्होंने शादी में 15 लाख रुपये खर्च करके बड़ी धूमधाम से अपनी बेटी को विदा किया था। इसके बावजूद ससुराल वाले और दहले की मांग करते थे और उनकी बेटी को भी प्रताड़ित करते थे।

HIV संक्रमित होने की बात छुपाई

पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि आरोपी पहले से ही एचआईवी से संक्रमित था, लेकिन उसने शादी के दौरान इस बात को छुपाया था। शादी के बाद उनकी बेटी भी इस बीमारी से संक्रमित हो गई और उसे एड्स हो गया। धीरे-धीरे उसकी हालत बिगड़ने लगी तो आरोपी पति उसके साथ मारपीट करने लगा और उसे मानसिक रूप से भी प्रताड़ित करने लगा, इसके बाद वह उसे मायके छोड़कर चला गया।

ब्लड जांच में सामने आई एड्स की बात

पीड़िता के परिजनों ने बताया कि जब उनकी बेटी की हालत बिगड़ने लगी तो उन्होंने कई जगह अपनी बेटी का इलाज कराया। ब्लड जांच में सामने आया कि उनकी बेटी को एड्स है, जिसके बाद उन्होंने कई बड़े अस्पतालों में अपनी बेटी का इलाज कराया। मायके पक्ष का आरापे है कि उनकी बेटी जब अस्पताल में भर्ती थी बुलाने के बावजूद उसका पति उसे देखने नहीं आया। परिवारीजनों का आरोप है कि आरोपी ने उनकी बेटी को एक्सपाइरी दवाइयां भी खिलाईं। उधर, इस मामले में पुलिस का कहना है कि पति-पत्नी के बीच विवाद का एक मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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