कल का मौसम 2 दिसंबर 2025
Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): इन दिनों देशभर में कड़ाके की ठंड अपना असर दिखा रही है। पिछले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान 6°C से नीचे दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर तापमान 6° से 10°C के बीच रहा। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों तथा महाराष्ट्र के अलग-अलग स्थानों पर भी इसी श्रेणी का तापमान रिकॉर्ड किया गया। मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम तापमान 3.5°C हरियाणा के हिसार में दर्ज हुआ। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली के अधिकांश क्षेत्रों, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण-गोवा के कई स्थानों तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहा, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, तेलंगाना और विदर्भ के कई स्थानों पर भी तापमान औसत से कम पाया गया। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तरी तमिलनाडु–पुदुचेरी तटों के पास बना चक्रवात ‘दितवाह’ कमजोर होकर गहरे अवदाब में बदल गया है। यह सिस्टम 30 नवंबर 2025 को शाम 5:30 बजे IST पर इसी क्षेत्र में केंद्रित था।
पिछले छह घंटों में यह गहरा अवदाब लगभग 5 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से धीरे-धीरे उत्तर दिशा में खिसका और 1 दिसंबर 2025 की सुबह 8:30 बजे IST पर यह दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के हिस्सों में, साथ ही उत्तर तमिलनाडु–पुदुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के पास सक्रिय रहा। इसका केंद्र अक्षांश 12.8°N और देशांतर 80.6°E पर दर्ज किया गया, जो चेन्नई से करीब 50 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, पुदुचेरी से 130 किमी उत्तर-पूर्व, कुड्डालोर से 150 किमी उत्तर-पूर्व और नेल्लोर से लगभग 200 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व स्थित था। तट से इसकी न्यूनतम दूरी करीब 40 किमी रही। आशंका है कि अगले 12 घंटों में यह प्रणाली उत्तर तमिलनाडु–पुदुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश तटों के समानांतर उत्तर की ओर बढ़ते हुए और अधिक कमजोर होकर साधारण अवदाब में परिवर्तित हो जाएगी। आज दोपहर तक इसके चेन्नई तट से लगभग 30 किमी दूर रहने की संभावना है। वहीं, एक पश्चिमी विक्षोभ फिलहाल उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है, जिसके साथ मध्य क्षोभमंडल में एक द्रोणिका भी बनी हुई है, जिसकी धुरी लगभग 68° पूर्व देशांतर पर 25° उत्तर अक्षांश के उत्तर में फैली है। इसके प्रभाव से उत्तरी हरियाणा में निचले स्तर पर प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसी तरह उत्तर-पूर्व असम और आसपास के क्षेत्रों में भी एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। 5 दिसंबर 2025 से एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते 2 दिसंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 3 दिसंबर को केरल और माहे में भी जोरदार वर्षा के आसार बने हुए हैं। वहीं, 2 से 4 दिसंबर के बीच तमिलनाडु, केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है।
अगले चार दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे 2 से 3°C तक कम होने की संभावना है, जिसके बाद इसमें विशेष बदलाव नहीं होगा। मध्य भारत में अगले 48 घंटों तक तापमान में खास परिवर्तन की उम्मीद नहीं है, लेकिन उसके बाद तीन दिनों के दौरान यह 2 से 3°C तक गिर सकता है। पूर्वी भारत में अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर रहने की संभावना है, जबकि आगामी चार दिनों में इसमें 2 से 3°C की गिरावट देखी जा सकती है। 2 से 6 दिसंबर के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में शीत लहर का असर बना रह सकता है। इसके अलावा 2 और 3 दिसंबर को उत्तरी मध्य महाराष्ट्र में तथा 4 से 6 दिसंबर के दौरान उत्तरी राजस्थान में भी शीत लहर की स्थिति रहने की संभावना है। मणिपुर में 2 और 3 दिसंबर की सुबह घना कोहरा छा सकता है, जबकि 2 दिसंबर को मेघालय और 3–4 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश तथा ओडिशा में भी घने कोहरे की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली में कल मौसम आम तौर पर साफ रहेगा, हालांकि सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 22 से 24°C के बीच और न्यूनतम तापमान 7 से 9°C के आसपास रहने की उम्मीद है, जो सामान्य से थोड़ा कम रहेगा। सुबह के समय उत्तर दिशा से आने वाली शांत हवाएं धीरे-धीरे बढ़कर लगभग 5 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। दोपहर में हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से चलेगी और इसकी गति लगभग 10 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है, जबकि शाम और रात के दौरान यही हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से घटकर 8 किमी प्रति घंटे से कम रह जाएगी। दिल्ली-एनसीआर में हल्की हवाओं के चलते वायु गुणवत्ता में थोड़ी सी सुधार जरूर देखने को मिला है, लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अधिकांश क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ स्तर के बीच दर्ज किया जा रहा है। ऐसी परिस्थिति में न केवल सांस की समस्याओं से जूझ रहे लोग प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि सामान्य स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी जोखिम बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में जो तापमान में वृद्धि देखी जा रही थी, वह अब थमने वाली है। मौसम विभाग ने ताजा पूर्वानुमान में बताया है कि दिसंबर की शुरुआत में ही मौसम में बदलाव आएगा और ठंड का असर तेजी से बढ़ सकता है। विभाग के अनुसार, हाल ही में प्रदेश में तापमान बढ़ने के पीछे जो दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय थे, उनका प्रभाव अब समाप्त हो रहा है। इसका परिणाम यह होगा कि प्रदेश में फिर से ठंडी और सूखी पछुआ/उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने लगेंगी। आगामी 3-4 दिनों में तापमान में लगभग 2°C से 4°C तक की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को ठिठुरन महसूस होगी। सर्दी के बढ़ने के साथ ही सुबह के मौसम में भी बदलाव दिखाई देगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि भोर के समय कई जगहों पर धुंध छा सकती है और कुछ क्षेत्रों में हल्का कोहरा भी पड़ने की संभावना है। इस प्रकार, दिसंबर की शुरुआत में ही उत्तर प्रदेशवासियों को बढ़ती ठंड और कम दृश्यता दोनों के लिए सतर्क रहने की जरूरत होगी।
बिहार में दिसंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम में बदलाव नजर आने लगा है। उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे तापमान में तेज गिरावट की संभावना जताई जा रही है। आसमान में बादलों के रहने के कारण दिन में मिलने वाली हल्की धूप भी सीमित हो सकती है। कई जिलों में घना कोहरा छाने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह इस सर्दी का पहला बड़ा ठंडा दौर होगा। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के पहले सप्ताह में न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आएगी, जबकि दूसरे सप्ताह से ठंड और बढ़ेगी और कुछ क्षेत्रों में तापमान 10°C से भी नीचे जा सकता है। राज्य सरकार ने बढ़ती ठंड को देखते हुए जिले स्तर पर तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आपदा प्रबंधन विभाग ने चेतावनी दी है कि दिसंबर और जनवरी के बीच राज्य में गंभीर शीतलहर का असर पड़ सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के कदम अपनाने की जरूरत है।
राजस्थान के कई जिलों में अब मौसम में बदलाव के संकेत दिखने लगे हैं और तापमान में तेज गिरावट आने की संभावना है। पिछले साल की तुलना में इस बार शीतलहर देर से दस्तक दे सकती है। पिछले वर्ष नवंबर में ही राज्य में कोल्ड वेव का असर शुरू हो गया था, जबकि पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड बताता है कि शीतलहर अक्सर इसी समय सक्रिय होती थी। इस बार नवंबर में रात का तापमान सामान्य से लगभग 8 डिग्री कम दर्ज किया गया। बढ़ती नमी के कारण कई जिलों में ठंड का असर पहले ही महसूस किया जा रहा है। शेखावाटी क्षेत्र में ठंड अधिक बढ़ चुकी है और तापमान लगातार नीचे जा रहा है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, आने वाले तीन दिनों में राज्य में ठंड और तेज हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि सीकर जिले में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है और राज्यभर में ठिठुरन काफी बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, उत्तर भारत से आने वाली तेज़ ठंडी हवाओं के कारण आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। मध्य प्रदेश के कई इलाकों में शीतलहर जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। दिसंबर में कई शहरों का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिसंबर में ठंडी हवाएं चलेंगी, जबकि जनवरी में ठंड का अधिकतम प्रभाव रहेगा और लगभग 20–22 दिनों तक कोल्ड वेव का असर रह सकता है। विशेष रूप से ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिले, भोपाल संभाग के सीहोर, विदिशा, सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर संभाग के मंडला और डिंडौरी, तथा इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में अधिक ठंड पड़ने की संभावना जताई गई है।
तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, कुड्डालोर और रानीपेट सहित कई इलाकों में सोमवार को चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ के असर के चलते लगातार मध्यम बारिश दर्ज की गई। IMD के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ अब कमजोर होकर गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) में बदल गया है और अगले 24 घंटे तक इसी रूप में स्थिर रहने की संभावना है। इस कारण अगले कुछ घंटों में भी बारिश जारी रह सकती है। बुलेटिन में बताया गया है कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और इसके पास स्थित उत्तर तमिलनाडु–पुडुचेरी तटों के ऊपर का गहरा अवदाब पिछले छह घंटों में लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर की ओर बढ़ा है और उसी क्षेत्र के आसपास केंद्रित रहा। यह चेन्नई से लगभग 90 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व, पुडुचेरी से 90 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, कुड्डालोर से 110 किमी पूर्व-उत्तरपूर्व और कराइकल से 180 किमी उत्तर-उत्तरपूर्व स्थित था। बुलेटिन में आगे कहा गया है कि यह प्रणाली उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों से लगभग 50 किमी दूर है और एक दिसंबर की दोपहर तक यह और कमजोर होकर अवदाब में बदल सकती है। यह अवदाब सीधे तौर पर चक्रवाती तूफान दितवाह के प्रभाव से उत्पन्न हुआ है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान 6°C से नीचे दर्ज किया गया है। हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में भी तापमान 6° से 10°C के बीच है। मैदानी क्षेत्रों में हिसार में सबसे कम तापमान 3.5°C रिकॉर्ड हुआ।
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