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iPhone Duo: यूट्यूबर ने कर दिया 10,000 बार फोल्ड, स्क्रीन पर आई परमानेंट क्रीज, देखें वीडियो

iPhone Duo की बिक्री भारत समेत दुनिया के कई देशों में शुरू हो गई है। बिक्री के साथ ही iPhone Duo के रिव्यूज सामने आने लगे हैं। एक यूट्यूबर ने iPhone Duo को लगातार 10 हजार बार फोल्ड कर दिया है।

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10,000 बार फोल्ड करके जांची फोन की मजबूती Photo-x.com/mediastorm_en

Apple के पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। 23 अक्टूबर यानी आज से फोन ग्राहकों के हाथों में पहुंचने लगा है। इसी बीच एक टेक रिव्यूअर ने फोन की मजबूती जांचने के लिए इसे 10,000 बार फोल्ड किया। इस टेस्ट का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हो रहा है। टेस्ट में फोन का हिंज तो मजबूत बना रहा, लेकिन उसकी अंदरूनी स्क्रीन पर एक गहरी और स्थायी क्रीज यानी बीच में मुड़ी हुई लाइन दिखाई देने लगी। इससे फोन की लंबे समय तक चलने वाली मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।

10,000 बार फोल्ड करके जांची फोन की मजबूती

टेक रिव्यूअर Tim Pan ने iPhone Duo की मजबूती जांचने के लिए शुरुआत में फोन को 500 बार हाथ से फोल्ड किया। इसके बाद मशीन की मदद से सामान्य कमरे के तापमान पर लगातार 10,000 बार फोन को खोला और बंद किया गया। इसके अलावा फोन को बेहद ठंडे माहौल में भी जांचा गया, जहां माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तापमान पर 1,000 बार फोल्डिंग की गई। इस टेस्ट का मकसद फोन के हिंज और लचीली स्क्रीन पर बार-बार मुड़ने के असर को देखना था।

स्क्रीन पर दिखने लगी गहरी क्रीज

टेस्ट के दौरान सबसे बड़ा बदलाव फोन की अंदरूनी स्क्रीन पर दिखाई दिया। शुरुआती 500 फोल्ड के बाद स्क्रीन के बीच की लाइन थोड़ी गहरी होने लगी। इसके बाद 10,000 बार फोल्ड करने पर यह क्रीज और ज्यादा स्पष्ट हो गई। फोन की स्क्रीन पर बीच में एक ऐसी लाइन बन गई, जिसे Apple की खास मैट कोटिंग भी पूरी तरह छिपा नहीं सकी।

कंपनी ने स्क्रीन पर ऐसी कोटिंग का इस्तेमाल किया है, जो रोशनी के प्रतिबिंब को कम करती है और फोल्ड वाली जगह को सामान्य रोशनी में कम दिखाई देने देती है। हालांकि, बार-बार फोल्ड करने के बाद स्क्रीन पर बनी स्थायी लाइन ज्यादा स्पष्ट हो गई।

मजबूत रहा हिंज, टचस्क्रीन भी करती रही काम

इस टेस्ट में iPhone Duo के हिंज ने अच्छा प्रदर्शन किया। 10,000 बार लगातार फोल्ड करने के बाद भी फोन का हिंज आसानी से खुलता और बंद होता रहा। टेस्ट वीडियो में इसके मैकेनिकल सिस्टम में किसी बड़ी खराबी के संकेत नहीं दिखे।

वहीं, ठंडे माहौल में 1,000 बार फोल्ड करने के बाद भी स्क्रीन पर टूटने, दरार पड़ने या डेड पिक्सल की समस्या नहीं दिखाई दी। OLED डिस्प्ले का टच फंक्शन भी काम करता रहा। हालांकि, स्क्रीन के बीच की क्रीज स्थायी रूप से नजर आने लगी थी।

स्क्रीन की सुरक्षा पर भी उठे सवाल

एक अन्य वीडियो में टेक लीकर Ice Universe ने फोन की स्क्रीन की सुरक्षात्मक परत को हटाने पर नीचे उभरे हुए निशान, लहरें और सिलवटें दिखाईं। इससे स्क्रीन की बनावट और लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान उसकी स्थिति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

क्या रोजाना इस्तेमाल में भी आएगी ऐसी क्रीज?

इस टेस्ट के नतीजों से फोन की मजबूती को लेकर मिली-जुली तस्वीर सामने आती है। एक तरफ हिंज ने 10,000 फोल्ड के बाद भी काम करना जारी रखा, तो दूसरी तरफ स्क्रीन पर स्थायी क्रीज दिखाई दी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सामान्य इस्तेमाल में भी फोन की स्क्रीन इतनी जल्दी खराब हो जाएगी।

लगातार कुछ घंटों में 10,000 बार फोन को फोल्ड करना रोजमर्रा के इस्तेमाल से अलग है। वास्तविक जीवन में फोन कितने समय में ऐसी क्रीज होगा, यह जानने के लिए लंबे समय तक इस्तेमाल की जांच जरूरी है। ऐसे में iPhone Duo खरीदने की सोच रहे लोगों को केवल इस एक टेस्ट के आधार पर फोन की पूरी उम्र या मजबूती का फैसला नहीं करना चाहिए।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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