कल का मौसम कैसा रहेगा : देशभर में एक नए मौसमी तंत्र का असर है। अधिकांश राज्यों में चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। आईएमडी का पूर्वानुमान है कि अगले दो से तीन दिन तक तेज आंधी-तूफान के साथ मध्मय से भारी स्तर की बारिश होगी। अगले 24 से 48 घंटे के दौरान तूफान छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा और मध्य प्रदेश में डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। जिससे आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधीनुमा हवाएं चलेंगी और मेघ गर्जन के साथ मध्यम से भारी स्तर की बारिश रिकॉर्ड की जाएगी। इसके अतिरिक्त पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ ऊंचाई वाले जिलों में हल्का पानी बरसेगा और साथ में कई स्थानों पर बर्फबारी होगी। बर्फ गिरने और हवाएं बहने से तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की कमी दिखाई देगी, जिससे लोगों को ठंडक का एहसास होगा।
हिमाचल-उत्तराखंड में बर्फबारी
पहाड़ों पर एक नए मौसमी तंत्र के एक्टिव रहने से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आईएमडी ने हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर अगले दो दिन तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। 29 और 30 अक्टूबर को प्रदेश के लाहौल स्पीति, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और किन्नौर के हिस्सों पर हल्की बारिश और ऊंचे वाले भागों पर बर्फबारी की संभावना है। मौसमी गतिविधियां होने से तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने से ठंडक का एहसास तेज होगा। 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कई जगहों पर बर्फबारी जारी रहेगी। हालांकि, मैदानी हिस्सों पर मौसम साफ रह सकता है। उधर, उत्तराखंड के ऊंचे स्थानों पर भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। आईएमडी ने उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, रूद्रप्रयाग, नैनीताल, अल्मौड़ा, चंपाल और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और कहीं-कहीं ऊंचे हिस्सों पर बर्फबारी का अलर्ट घोषित है।
उत्तर प्रदेश में बारिश होगी क्या
उत्तर प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर दिखाई दे सकता है। 29 और 30 अक्टूबर को राज्य के कई हिस्सों पर बादलों की आवाजाही रहेगी और तेज आंधी के साथ बादल बरसते नजर आएंगे। मौसम विभाग की मानें तो प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, बलिया समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ पानी बरसने की चेतावनी है। गुरुवार को कौशांबी, प्रयागराज, चित्रकूट, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर में करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी संग बारिश की संभावना है। 30 अक्टूबर को पूर्वांचल और अवध के हिस्से मौसम की चपेट में रहेंगे। खासकर, पीलीपीत, बरेली, शाहजहांपुर समेत एनसीआर के कुछ हिस्सों पर मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने के साथ वर्षा की संभावना है। इससे तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
हरियाणा में बारिश का अलर्ट
हरियाणा और पंजाब में अगले 24 घंटे के अंदर मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग की मानें तो शनिवार तक राज्य के कई जिलों फरीदाबाद, गुरुग्राम, नूहर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। हालांकि, 30 अक्टूबर को भी तेज स्पीड से हवाएं बहेंगी और हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है। उधर, पंजाब में भी मौसम खराब रहेगा। कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है।
राजस्थान का मौसम कैसा रहेगा
राजस्थान के कुछ हिस्सों में बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ’अर्नब’ के असर से तेज हवाएं चलने और बादल छाए रहने का अनुमान है। अगले दो दिन तक राज्य के अधिकांश भागों में आगामी दिनों में पूर्वी हवाएं सक्रिय होने तथा 29-30 अक्टूबर को एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने की पूरी संभावना है। खासकर, भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर संभाग के कुछ भागों में 29-30 अक्टूबर को बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जोधपुर, बीकानेर संभाग के पूर्वी भागों में भी 29-30 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि, सीमावर्ती क्षेत्र के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः सूखा रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर में कल का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों तक दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसमी गतिविधियां होने से तापमान में आ रही गिरावट के चलते लोगों को सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का एहसास होने लगा है। वहीं, हवा की गुणवत्ता एक बार फिर से लाल निशान को पार कर चुकी है, जिससे सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने की संभावना है। 31 अक्टूबर को आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे। वहीं, 1 नवंबर और 2 नवंबर को भी आसमान साफ से लेकर आंशिक बादलों वाला रहेगा।
तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट
तमिलनाडु में पश्चिमी घाट से सटे जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश होने की संभावना है। पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में एक-दो जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि इस पूर्वानुमान का दायरा बड़ा है, लेकिन बारिश केवल कुछ छिटपुट जगहों तक ही सीमित रहने की उम्मीद है। मौसम केंद्र ने चेन्नई में दिन भर आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है और अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। शहर में दिन गर्म रहने और कुछ बादल छाए रहने के आसार हैं।
झारखंड में मौसम चक्रवात का असर
बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में बुधवार सुबह से बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, बोकारो, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।आसमान में घने बादल छाए हैं और तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। हजारीबाग, कोडरमा, चाईबासा, देवघर, गिरिडीह और बोकारो समेत राज्य के कई अन्य जिलों में भी बादल छाए रहने और बारिश होने की सूचना है। चक्रवात ‘अर्नब’ बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यनम के दक्षिण में तट पार करने की संभावना जताई गई थी। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान था।
ओडिशा में अर्नब का खतरा
ओडिशा में भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आंध्र प्रदेश तट के पास, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में लगभग स्थिर बना हुआ था। इसके कारण तट से टकराने (लैंडफॉल) की प्रक्रिया लंबी खिंच गई। इस चक्रवात में हवा की गति लगातार 120-130 किमी प्रति घंटा बनी हुई थी, जो झोंकों के साथ 145 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही थी। इसके पहले उत्तर-पश्चिम की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ने और फिर उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ने की संभावना थी। हालांकि चक्रवात के लगभग स्थिर बने रहने से इसके तट से टकराने की प्रक्रिया लंबी हो गई। आईएमडी ने गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर के लिए 'रेड वार्निंग' जारी की थी। इसके तहत कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश और कई अन्य स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया था।
