Rajasthan Political Crisis: राजस्थान में कांग्रेस के विधायक और युवा नेता सचिन पायलट ने इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बगावती तेवर दिखाए हैं। सियासत के जादूगर कहे जाने वाले सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीजेपी नेत्री वसुंधरा राजे की तारीफ वाले बयान पर उन्होंने मंगलवार (नौ मई, 2023) को सीएम को घेरा।
राज्य की राजधानी जयपुर में वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले- एक बात और स्पष्ट हो गई है...मुख्यमंत्री का भाषण परसों धौलपुर में हुआ और उस भाषण को सुनने के बाद मुझे ऐसा लगता है कि उनकी नेता सोनिया गांधी नहीं हैं बल्कि उनकी नेता वसुंधरा राजे सिंधिया हैं।
बकौल पायलट, "एक तरफ यह कहा जा रहा है कि हमारी सरकार को गिराने का काम भाजपा कर रही थी वहीं दूसरी तरफ कहा जाता है कि सरकार को बचाने काम वसुंधरा जी कर रही थीं। तो यह जो विरोधाभास है, इसको समझाना चाहिए। आप कहना क्या चाह रहे हैं, यह तो स्पष्ट कर देना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा- सीएम ने इस प्रकार का भाषण दिया...मैंने पहली बार देखा और सोचा कि यह तो अपनी ही सरकार को, अपने ही विधायकों को और अपने ही नेताओं को बेइज्जत कर बदनाम करने का काम हो रहा है। कांग्रेस के विधायकों को बदनाम किया गया और भाजपा के नेताओं का गुणगान हुआ। यह सब समझ से परे है। ऐसा जो काम हुआ है, वह बहुत गलत है।
दरअसल, पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई को लेकर पायलट ने हाल ही में अनशन किया था। पायलट का कहना है कि मौजूदा सरकार उन मामलों में कार्रवाई नहीं कर रही। वह बोले- अब मैं नाउम्मीद हूं क्योंकि तथ्य सामने आ रहे हैं कि कार्रवाई क्यों नहीं हुई और क्यों नहीं होगी...यह अब स्पष्ट हो रहा है। मैंने भ्रष्टाचार के मुद्दे को लगातार उठाया है, पहले भी उठाया, आज भी उठा रहा हूं और आगे भी उठाता रहूंगा।
उन्होंने इसके साथ ही यह भी कहा कि वह ‘जनसंघर्ष पदयात्रा’ भी निकालेंगे। उन्होंने इस बारे में बताया, "मैं जनता के बीच जाकर 11 तारीख को अजमेर से एक यात्रा निकाल रहा हूं। हम इस दौरान जनता की आवाज सुनेंगे। जनता के मुद्दे उठाएंगे, जो कि करप्शन से जुड़े हैं...पेपर लीक और नौजवानों के हितों से जुड़े संबंधित हैं। 125 किमी लंबी यह यात्रा लोगों के हितों में होगी और लोग इसके तहत अजमेर से जयपुर की ओर बढ़ेंगे।"
वह आगे बोले, "मुझ पर मुकदमे दर्ज करने की कोशिश हुई। मुझे बहुत कुछ कहा गया...'कोरोना'-'निकम्मा'आदि और जो आरोप लगाए गए, उन्हें मैं ढाई साल से सुन रहा था। हालांकि, अपनी पार्टी को और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं चाहता था।"
