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थार में आखिर क्यों हो रही 26 साल के इस निर्दलीय उम्मीदवार की चर्चा, बाड़मेर में भाटी की हवा नहीं बवंडर

रविंद्र सिंह भाटी बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके चुनाव लड़ने से इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है। यहां दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होने हैं।

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रविंद्र सिंह भाटी

Photo : Twitter

Barmer Lok Sabha Seat: थार रेगिस्तान में इन दिनों गर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है और गर्मी बढ़ने का कारण तापमान का बढ़ना नहीं है, बल्कि ये गर्मी बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे रविंद्र सिंह भाटी ने बढ़ाई है। रविंद्र सिंह भाटी शिव विधानसभा से स्वतंत्र विधायक हैं और इस बार लोकसभा चुनाव में बाड़मेर-जैसलमेर सीट से निर्दलीय मैदान में ताल ठोक रहे हैं। रविंद्र सिंह भाटी भले ही निर्दलीय लड़ रहे हो, लेकिन उनकी चर्चा काफी ज्यादा है। रविंद्र सिंह भाटी की चर्चा सिर्फ बाड़मेर-जैसलमेर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनकी चर्चा अब दिल्ली तक हो रही है। कहा जा रहा है कि क्षेत्र में रविंद्र सिंह भाटी की हवा नहीं बवंडर है।

बाड़मेर-जैसलमेर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला

बता दें कि बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट से भाजपा के उम्मीदवार वर्तमान सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी हैं, तो कांग्रेस ने आरएलपी छोड़कर आए उम्मेदाराम बेनीवाल को टिकट दिया है। वहीं, इस सीट पर रविंद्र सिंह भाटी ने निर्दलीय पर्चा दाखिल कर चुनाव को काफी दिलचस्प बना दिया है और इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है। हालांकि, लोगों के मन में क्या है, लोग किसे सांसद देखना चाह रहे हैं इसका फैसला तो चार जून को होगा, लेकिन क्षेत्र में रविंद्र सिंह भाटी की चर्चा काफी ज्यादा है।

थार में रविंद्र सिंह भाटी की चर्चा क्यों?

अब सवाल है कि जिस राजस्थान में भाजपा ने 2019 में लोकसभा की सभी सीटों पर चुनाव जीती थी, जहां पर हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनी है। वहां अचानक रविंद्र सिंह भाटी कैसे उभरे और इतने लोकप्रिय कैसे हो गए। दरअसल, रविंद्र सिंह भाटी युवा हैं, जिस वजह से वह लोगों के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय हो गए हैं। रविंद्र सिंह भाटी खासकर युवाओं के बीच काफी ज्यादा चर्चित हैं। रविंद्र सिंह भाटी राजपूत के साथ-साथ राजस्थान के 'छत्तीस बिरादरी' को भी साध रहे हैं, जिनमें मुस्लिम भी शामिल हैं। वह अपने क्षेत्र में रोजगार और अच्छी व्यवस्थाओं को लेकर लोगों के बीच जा रहे हैं, जिस वजह से उन्हें लोकप्रियता मिली है।

क्या है रविंद्र सिंह भाटी की रणनीति?

रविंद्र सिंह भाटी की रणनीति अन्य उम्मीदवारों से काफी अलग है। वह अपने विरोधी नेताओं पर निजी हमले करने से बच रहे हैं। उन्होंने कभी किसी पार्टी या नेता पर निजी हमले नहीं किया। वह सिर्फ अपने क्षेत्र से जुड़ी बातें करते हैं और लोगों को बताते हैं कि अगर वह चुनाव जीतने पर क्या-क्या करेंगे। साथ ही अपने विजन लोगों के बीच रखते हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और राजस्थान विधानसभा चुनाव में निर्दलीय विधायक बनकर बड़े-बड़े सूरमाओं को चकित कर दिया। इस वजह से भी लोग उनपर भरोसा जता रहे हैं।

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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