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Hathras Stampede Case: सत्संग में मारे गए थे 121 लोग, आरोपी बाबा अब भी सेफ; अगली सुनवाई में कोर्ट का कैसा रहेगा रवैया?

Hathras Satsang Stampede Case: उत्तर प्रदेश के हाथरस सत्संग भगदड़ मामले में जिला न्यायालय में 5 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी। शायद आपको पता हो कि हाथरस के ग्राम फुलरई मुगलगढ़ी में 2 जुलाई 2024 को साकार नारायण विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई थी। इस भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई थी।

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हाथरस में हुई भगदड़ में गई थी 121 लोगों की जान

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Hathras Satsang Stampede Case: हाथरस में नारायण साकार हरि के सत्संग के दौरान मची भगदड़ मामले में हाथरस जिला न्यायालय में चल रही सुनवाई को लेकर अधिवक्ता एपी सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है। अधिवक्ता एपी सिंह ने कहा, "हाथरस जिला न्यायालय में पिछले साल 2 जुलाई को हुई एक दुखद घटना के मामले की सुनवाई चल रही थी। सोमवार को जिला जज अलीगढ़ में निरीक्षण के लिए गए थे, जिसके कारण इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 5 अप्रैल तय की गई है। 5 अप्रैल को इस मामले में चार्ज से संबंधित प्रक्रिया डिफेंस के लिए पूरी की जाएगी। इस केस में 11 आरोपी बनाए गए हैं, जो पूरी तरह से निर्दोष हैं। यह एक साजिश, षड्यंत्र और मनगढ़ंत झूठ का पुलिंदा है, जिसके आधार पर चार्जशीट फाइल की गई।"

सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं

उन्होंने आगे कहा कि यह बात अदालत में साबित हो रही है और हाईकोर्ट में भी यह सिद्ध हो रहा है। पुलिस की चार्जशीट में कोई सत्यता नहीं है, सब कुछ झूठा गढ़ा गया है। इसका पर्दाफाश हो रहा है। ये लोग सत्य, सत्यता और मानवता के आधार पर काम कर रहे थे। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। बाधाएं और विपदाएं आती हैं, सत्य अकेला खड़ा होकर जीतता है।

हाथरस के ग्राम फुलरई मुगलगढ़ी में 2 जुलाई 2024 को साकार नारायण विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई थी। इस भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।

न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट को कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया और इसे विधान मंडल के दोनों सदनों में भी रखा गया। इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव (द्वितीय) की अध्यक्षता वाले इस आयोग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। आयोग में पूर्व आईएएस अधिकारी हेमंत राव और पूर्व आईपीएस अधिकारी भवेश कुमार सिंह सदस्य के रूप में शामिल थे।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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