Gonda News: गोंडा में साइबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम होने और गिरफ्तारी वारंट जारी होने का डर दिखाकर मालवीय नगर की रहने वाली बीना श्रीवास्तव से 21 लाख 30 हजार 600 रुपये की ठगी कर ली। आरोपी लगातार फोन और वीडियो कॉल कर महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते रहे। पीड़िता की शिकायत पर साइबर थाना गोंडा में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने साइबर अपराध पोर्टल NCRP के जरिए पूरी रकम होल्ड करा दी है। पुलिस के मुताबिक, कोर्ट के आदेश के बाद 3 से 4 बैंकिंग कार्य दिवस में पीड़िता को रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का दिखाया डर
पीड़िता बीना श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पास फोन आया था। फोन करने वाले ने कहा कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। उन्हें पुणे आकर जवाब देने के लिए कहा गया। इसके बाद आरोपी ने उनके आधार नंबर, बैंक खाते और खातों में जमा रकम तक की जानकारी बताई। इससे वह डर गईं। आरोपी ने कहा कि उनके बैंक खातों में जमा रकम की भारतीय रिजर्व बैंक से जांच कराई जाएगी। अगर पैसा सही पाया गया तो वापस मिल जाएगा, वरना रकम जब्त कर ली जाएगी। इसके बाद आरोपी लगातार फोन और वीडियो कॉल करने लगे। पीड़िता के मुताबिक, एक बार आरोपी पुलिस की वर्दी में दिखाई दिया, लेकिन बाद में उसने वीडियो कॉल पर अपना चेहरा दिखाना बंद कर दिया।
ठगी का एहसास होने पर आरोपियों के नंबर ब्लॉक कर दिए
पीड़िता ने बताया कि आरोपियों के कहने पर उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा और उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के खातों से अलग-अलग रकम RTGS के जरिए ट्रांसफर कर दी। बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने आरोपियों के नंबर ब्लॉक कर दिए। इसके बावजूद अलग-अलग दो-तीन नंबरों से फोन आते रहे। बीना श्रीवास्तव ने मांग की है कि उनकी रकम वापस दिलाई जाए और साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में दूसरे लोग इस तरह की ठगी का शिकार न हों।
NCRP पोर्टल के जरिए ठगी की पूरी रकम होल्ड कराई गई
सीओ सदर अभिषेक दवाच्या ने बताया कि 10 अक्टूबर 2026 को मालवीय नगर निवासी महिला के साथ डिजिटल अरेस्ट के जरिए साइबर ठगी का मामला संज्ञान में आया था। मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर पीड़िता से 21,30,600 रुपये की ठगी की गई। पीड़िता की लिखित शिकायत पर साइबर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो टीमों का गठन किया है। उन्होंने बताया कि NCRP पोर्टल के जरिए ठगी की पूरी रकम होल्ड करा दी गई है। कोर्ट के आदेश के बाद 3 से 4 बैंकिंग कार्यदिवस में रकम पीड़िता को वापस दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित पहली टीम मनी ट्रेल यानी रकम के लेन-देन की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। वहीं, दूसरी टीम चैट और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर साक्ष्य जुटा रही है। आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी और अन्य विधिक कार्रवाई के प्रयास किए जा रहे हैं।
