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गाजियाबाद में नाले में गिरने से एक मजदूर की मौत, ऐसे हुआ हादसा

वसीम घटना के समय नशे की हालत में था। बताया जा रहा है कि वह नाले के किनारे बैठा हुआ था, तभी संतुलन बिगड़ने के कारण वह सीधे गहरे पानी में गिर गया।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

गाजियाबाद : जिले के विजय नगर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई। यह घटना लेबर चौक के पास स्थित एक खुले नाले में गिरने से हुई। पुलिस ने शनिवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पहचान 34 वर्षीय वसीम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से Chandausi (जिला मुरादाबाद) का निवासी था। वह वर्तमान में विजय नगर क्षेत्र के मवई इलाके में किराए के मकान में रह रहा था और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।

गुरुवार रात को हुई थी घटना

पुलिस के अनुसार, यह घटना बृहस्पतिवार रात की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से वसीम को नाले से बाहर निकाला गया। उसे गंभीर हालत में तुरंत जिला सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत से परिवार में मातम छाया हुआ है और जीविका का बोझ बढ़ गया है।

नशे की हालत मजदूर

विजय नगर थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वसीम घटना के समय नशे की हालत में था। बताया जा रहा है कि वह नाले के किनारे बैठा हुआ था, तभी संतुलन बिगड़ने के कारण वह सीधे गहरे पानी में गिर गया। नाले में पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका, जिससे उसकी जान चली गई। फिलहाल, आगे की कार्रवाई जारी है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई जगह खुले नाले हैं, जो हादसों को न्योता दे रहे हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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