दिल्ली : द्वारका जिला पुलिस ने ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने वाले एक बड़े संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी हर्ष वर्धन को गिरफ्तार किया गया है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर प्रवेश परीक्षाओं में “पेपर सॉल्वर” बैठाने का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-23 द्वारका स्थित “हैप्पी होम्स” नाम की बिल्डिंग में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा, जहां कई युवक संदिग्ध हालत में मौजूद मिले। पूछताछ में पता चला कि ये सभी छात्र पैसे लेकर ऑनलाइन परीक्षा के सवाल हल करने के लिए बुलाए गए थे।
जांच में सामने आया कि आरोपी हर्ष वर्धन मुंबई के एक प्रतिष्ठित मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी कराने की साजिश रच रहा था। यह परीक्षा जयपुर के एक आईटी लैब में होनी थी, लेकिन आरोपी AnyDesk और Ammy Admin जैसे रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिए वहां के कंप्यूटर सिस्टम को कंट्रोल करने की तैयारी में था।
इन कॉलेजों में पढ़ते हैं छात्र
आरोपी का एक साथी प्रांजल कॉलेज के छात्रों को “डाउटनट” और “बायजूज़” जैसे प्लेटफॉर्म के नाम पर बहाना बनाकर जोड़ता था और उन्हें हर सवाल के बदले 500 से 1000 रुपये तक दिए जाते थे। पुलिस ने मौके से कुल 32 छात्रों को पकड़ा है, जो अलग-अलग राज्यों और नामी कॉलेजों—जैसे डीयू, जामिया, डीटीयू, आईआईटी और एनआईटी से जुड़े हुए हैं।
प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि यह पूरा नेटवर्क ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने, दूसरे की जगह परीक्षा दिलाने (इम्परसनेशन) और बाहर से पेपर हल करवाने जैसे तरीकों से काम करता था। इस मामले में थाना सेक्टर-23 द्वारका में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
द्वारका जिला के डीसीपी कुशल पाल सिंह (IPS) ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो तकनीक का गलत इस्तेमाल कर परीक्षाओं में धांधली कर रहा था। पुलिस अब इसके पूरे नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
