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Delhi News: जब थमने लगी थीं सांसें, तब देवदूत बनकर पहुंचे ट्रैफिक इंस्पेक्टर; CPR देकर वकील को मौत के मुंह से खींच लाए

दिल्ली के आईटीओ चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने सड़क पर गिरे एक अधिवक्ता को समय रहते CPR देकर उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। समय पर प्राथमिक उपचार और तत्काल अस्पताल पहुंचाने से अधिवक्ता की हालत स्थिर हो गई, जिसे डॉक्टरों ने जीवनरक्षक कदम बताया।

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ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने समय पर CPR देकर वकील की बचाई जान

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Delhi Traffic Police: दिल्ली पुलिस का मानवीय चेहरा सोमवार को आईटीओ चौराहे पर देखने को मिला, जब एक ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर की सूझबूझ और तत्परता ने एक वकील की जान बचा ली। समय पर दी गई CPR और तुरंत अस्पताल पहुंचाने की वजह से वकील की जान बच गई। जानकारी के मुताबिक, पटियाला हाउस कोर्ट के अधिवक्ता नवनीत कुमार अपनी बाइक से तीस हजारी कोर्ट से पटियाला हाउस कोर्ट जा रहे थे। जैसे ही वह आईटीओ की व्यस्त रेड लाइट पर पहुंचे, अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े।

CPR देना शुरू कर दिया

वहीं उस समय आईटीओ पर कमला मार्केट सर्किल में तैनात ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल बैंसला ड्यूटी पर मौजूद थे। उन्होंने जैसे ही वकील को सड़क पर गिरते देखा, तुरंत उनकी ओर दौड़ पड़े। ट्रैफिक इंस्पेक्टर बैंसला ने बिना समय गंवाए सबसे पहले उनका हेलमेट उतारा और उनकी हालत की जांच की। नवनीत की सांसें धीमी पड़ चुकी थीं और वह लगभग बेसुध हो चुके थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर गोपाल बैंसला ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय मौके पर ही CPR देना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद नवनीत की सांसों में हलचल दिखाई दी, लेकिन उनकी हालत अब भी गंभीर थी।

मिनटों की देरी हो सकती थी जानलेवा

इसके बाद इंस्पेक्टर बैंसला ने उन्हें अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाया और तुरंत लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर मौके पर समय रहते CPR नहीं दिया जाता और अस्पताल पहुंचाने में कुछ मिनट की भी देरी हो जाती, तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी। कुछ घंटों तक इलाज और निगरानी के बाद नवनीत कुमार की हालत में सुधार हुआ। फिलहाल वह खतरे से बाहर हैं और उनकी तबीयत स्थिर बताई जा रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर लोगों की जान बचाना भी है।

Mohit Om
मोहित ओमauthor

जनमानस की खबर को पाठकों तक पहुंचाना ही एकमात्र लक्ष्य। एक दशक से ज्यादा पत्रकारिता का अनुभव। अपराध के पीछे की साजिश को बेपर्दा करने वाली हर खबर पर पैनी निगाह रखता हूँ।

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