Delhi: दिल्ली के कई इलाकों में सप्लाई होने वाला पेयजल पीने लायक नहीं है। ज्यादातर जगहों पर पानी के साथ सीवेज का मिक्स पानी सप्लाई हो रहा है। यह खुलासा दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की जांच में हुआ है। डीजेबी ने बीते दिसंबर माह में दिल्ली के सभी इलाकों से जांच के लिए पानी का सैंपल लिया था। इस जांच में पता चला कि राजधानी के एक दर्जन से ज्यादा इलाकों में पानी के साथ सीवेज मिक्स मटमैला पानी सप्लाई हो रहा है। इस जांच में सैकडों सैंपल फेल हुए हैं। सबसे ज्यादा सैंपल द्वारका जोन में स्थित कॉलोनियों का हुआ है।
बता दें कि, गंदे पानी की समस्या को लेकर लोग डीजेबी को शिकायतें करते रहते हैं। इन शिकायतों के बाद डीजेबी पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच करता है। मौजूदा रिपोर्ट के सैंपल बीते साल 3 दिसंबर से 27 दिसंबर के दौरान लिए गए थे। डीजेबी अधिकारियों के अनुसार शिकायतों के आधार पर राजधानी के लगभग सभी इलाकों से पानी के कुल 12344 सैंपल लिए गए थे। इस जांच में 365 सैंपल फेल पाए गए और 11979 सैंपल संतोषजनक पाए गए हैं। जिन जगहों के सैंपल फेल हुए हैं, वहां पर पानी की गुणवत्ता के सुधार की कोशिशें शुरू कर दी गई है।
इन इलाकों के सैंपल हुए फेल
डीजेबी अधिकारियों ने बताया कि, इस जांच में त्रिलोकपुरी, विकास नगर, नारायणा, किराड़ी, समयपुर बादली, रिठाला, रोहिणी, उत्तम नगर, जीवन पार्क, विकासपुरी, वेस्ट सागरपुर, महावीर एनक्लेव, रंजीत नगर, द्वारका सेक्टर-5, दशरथपुरी, बुध विहार-1, बदरपुर, वेस्ट पटेल नगर, पालम, डाबड़ी, कैलाशपुरी, राज नगर-2, साध नगर, राजापुरी आदि इलाकों के सैंपल फेल हो गए हैं। इन जगहों पर लाखों लोग रहते हैं, जो सीवेज मिक्स गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। अधिकारियों ने बताया कि, जहां पर सैंपल फेल हुए हैं, वे घने इलाके हैं। इन जगहों पर लोगों ने घरों में पानी की मोटरें लगा रही है। जबकि यह नियमों के खिलाफ है। ये मोटर जब पानी खींचते हैं तो सप्लाई के पानी के साथ गंदगी भी आ जाती है। इसी वजह से पानी दूषित हो जाता है। इसके अलावा दूषित पानी आने की एक बड़ी वजह यह भी है कि लोग टूटी-फूटी पुरानी पाइप लाइन प्रयोग कर रहे हैं, जिसके वजह से गंदा पानी मिक्स हो जाता है।देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
