Delhi Railway Station Update: त्योहारों के मौसम बीत जाने के बाद भी स्टेशनों पर भीड़ की कमी नहीं दिख रही है। इसी भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए नॉर्दर्न रेलवे ने दिल्ली डिविजन के चार प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री अस्थायी रूप से बंद कर दी है। यानी अब दोस्त-रिश्तेदारों को स्टेशन छोड़ने के लिए जाने पर बाहर से ही टाटा-बाय कर वापस लौटना होगा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा व भीड़ नियंत्रण के उद्देश्य से लिया गया है।
दिल्ली के चार स्टेशनों पर नहीं मिलेंगे प्लेटफॉर्म टिकट (सांकेतिक तस्वीर)
किन स्टेशनों पर बंद हुई बिक्री
फिलहाल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली जंक्शन, आनंद विहार टर्मिनल और आनंद विहार हॉल्ट पर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री बंद कर दी गई है। यह अस्थायी प्रतिबंध 11 नवंबर 2025 तक लागू रहेगा, जिसके तहत यात्रियों को इन स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट उपलब्ध नहीं होंगे। हालांकि यह नियम सबके लिए लागू नहीं होंगे।
बुजुर्ग और दिव्यांगों को मिलेगी छूट
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों को सहायता की आवश्यकता होती है, जैसे बुजुर्ग, दिव्यांगजन, असहाय महिला यात्री, छोटे बच्चे या बीमारी से जूझ रहे यात्री उनके साथ आने वाले व्यक्ति को यह छूट मिलेगी। उन्हें प्लेटफॉर्म टिकट खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी और वे स्टेशन परिसर तक जा सकते हैं।
क्या है रोक का उद्देश्य
त्योहार और छुट्टियों के दौरान दिल्ली के प्रमुख स्टेशनों पर भारी भीड़ जुटती है। प्लेटफॉर्म टिकट बिक्री रोकने से केवल वास्तविक यात्री ही प्लेटफॉर्म तक पहुंचेंगे, जिससे रेलवे प्लेटफॉर्म और बोर्डिंग एरिया में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित कर सकेगा। रेलवे के अनुसार इस कदम से सुरक्षा प्रबंधन और भी मजबूत होगा।
नई दिल्ली स्टेशन पर होल्डिंग एरिया तैयार
नॉर्दर्न रेलवे ने बताया कि दीवाली से पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (अजमेरी गेट साइड) पर स्थायी होल्डिंग एरिया का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। यह जगह भारी भीड़ के दौरान यात्रियों को रखने और आवाजाही प्रबंधन में मदद करेगी। इस होल्डिंग क्षेत्र में एक समय में लगभग 7,000 लोग रुक सकते हैं।
इससे पहले भी लगी थी रोक
इससे पहले भी दशहरा और छठ पूजा के दौरान दिल्ली, नई दिल्ली, आनंद विहार, गाजियाबाद और निजामुद्दीन स्टेशनों पर 15 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक प्लेटफॉर्म टिकट बिक्री पर रोक लगाई गई थी। रेलवे का कहना है कि ऐसे कदम भीड़ नियंत्रण और सेफ ट्रैवल मैनेजमेंट के लिए प्रभावी साबित हुए हैं।
