Delhi: राजधानी दिल्ली में बुजुर्गों, महिलाओं (विधवा) और दिव्यांगों को मिलने वाली सरकारी सहायता राशि और पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। पेंशन वितरण में लगातार मिल रही गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने औचक सत्यापन (Surprise Verification) करवाने का निर्णय लिया है। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक निजी एजेंसी/कंपनी का चयन भी कर लिया गया है।
तीन बार अनुपस्थित रहने पर रद्द होगी पेंशन
नए नियमों और तय कार्ययोजना के मुताबिक, सत्यापन प्रक्रिया के दौरान चुने गए कर्मचारी सीधे लाभार्थियों के घर पहुंचेंगे। कर्मचारी घर जाकर लाभार्थियों द्वारा पहले जमा किए गए दस्तावेजों की कॉपी लेंगे और टैब के माध्यम से मौके पर ही उनकी लाइव तस्वीर खींचेंगे। इससे यह भी पुख्ता होगा कि पेंशन धारक जीवित हैं या नहीं। यदि सत्यापन के दौरान कोई पेंशनधारक अपने घर पर नहीं मिलता है, तो उसे कुल तीन मौके दिए जाएंगे।
यदि कर्मचारी के तीन बार विजिट करने के बाद भी संबंधित व्यक्ति घर पर नहीं मिलता है या सत्यापन नहीं हो पाता है, तो उसकी पेंशन और सहायता राशि हमेशा के लिए बंद कर दी जाएगी।
लगभग 4 लाख बुजुर्ग और अन्य लाभार्थी हैं शामिल
दिल्ली सरकार मुख्य रूप से तीन प्रमुख श्रेणियों में वित्तीय सहायता देती है। बुजुर्ग पेंशन, जिसके तहत अकेले दिल्ली में लगभग 4 लाख बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलता है। महिला एवं विधवा सहायता राशि, जिसमें जरूरतमंद महिलाओं और विधवाओं को आर्थिक मदद मिलती है और दिव्यांग सहायता राशि, जिसमें दिव्यांगजनों के लिए निर्धारित पेंशन योजनाएं हैं।
क्यों पड़ी इस वेरिफिकेशन की जरूरत?
सरकार को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई लोग कागजों में तो दिल्ली के पते पर पेंशन ले रहे हैं, लेकिन वास्तव में वे दिल्ली से बाहर रहकर इसका अनुचित लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा, दस्तावेजों की शुरुआती जांच के आधार पर पेंशन शुरू कर दी जाती थी, जिनका कभी जमीनी स्तर पर फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं हुआ था। इस औचक निरीक्षण और घर-घर जाकर होने वाली जांच से यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा कि लाभार्थी वास्तव में दिल्ली में निवास कर रहा है या नहीं।
अगले महीने से शुरू होगी प्रक्रिया, नए पात्रों को मिलेगा मौका
सूत्रों के अनुसार, यह पूरी सत्यापन प्रक्रिया अगले महीने यानी नवंबर से धरातल पर शुरू हो सकती है। विभाग द्वारा इसकी सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। सत्यापन अभियान के दौरान जिन अपात्र लोगों या फर्जी मामलों के नाम सूची से काटे जाएंगे, उनकी जगह नए और असल हकदार जरूरतमंद लोगों को योजनाओं में शामिल किया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खजाने से मिलने वाली सहायता राशि का लाभ केवल और केवल वास्तविक और पात्र नागरिकों तक ही पहुंचे।
