देहरादून: देहरादून के सहस्रधारा क्षेत्र में सोमवार रात बादल फटने से कारलीगाढ़ नदी में बाढ़ आ गई और इस कारण आसपास के क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। लगातार और तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया, जिसके कारण एक महत्वपूर्ण पुल ढह गया और नदी के किनारे बनी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। नदी के किनारे स्थित दर्जनों दुकानें या तो पूरी तरह नष्ट हो गईं और पानी में बह गईं। इसके अलावा, बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण दो होटल भी ढह गए हैं।
मौके पर पहुंचने के लिए टाइम्स नाउ नवभारत की टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ी। पगडंडी के रास्ते से वॉक थ्रो, जंगल के रास्ते से होते वे घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का लिया जायजा। हमने मुख्य घटनास्थल जहां पर बादल फटने की घटना हुई वहां ग्राउंड जीरो से हालात का जायजा लिया ।
पानी के रुप में अचानक आई आपदा
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा जिसे स्थानीय रूप से "सहज धारा" भी कहा जाता है में सोमवार देर रात (15-16 सितंबर) भारी बारिश के बीच बादल फटने की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। लगभग रात 11:30 बजे कार्लीगाड़ क्षेत्र में हुई इस प्राकृतिक आपदा से सड़कें ध्वस्त हो गईं, होटल-रिजॉर्ट मलबे में दब गए, कई मकान बह गए और दुकानें पानी की धारा में बह गईं। दो लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ लोग घायल हो चुके हैं। राज्य के मंत्री गणेश जोशी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों की निगरानी की।
मॉनसून के अंतिम चरण में आई आपदा
यह घटना मॉनसून के अंतिम चरण में आई है, जब मौसम विभाग ने देहरादून समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। सोमवार रात 11:30 बजे के आसपास सहस्त्रधारा के कार्लीगाड़ क्षेत्र में बादल फटने की घटना हुई। यह क्षेत्र देहरादून का प्रमुख पर्यटन स्पॉट है, जहां प्राकृतिक झरने और हिल स्टेशन जैसा नजारा मिलता है। भारी बारिश (100 मिमी से अधिक) के कारण पहाड़ों से मलबा और पानी की तेज धारा नीचे उतर आई। बाजार में मलबा घुसने से 2-3 बड़े होटल और रिजॉर्ट पूरी तरह तबाह हो गए। कई दुकानें बह गईं, जबकि आसपास के मकानों में पानी घुस गया। सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं, जिससे सफर बेहद मुश्किल हो गया। तमसा और सोंग नदियां उफान पर आ गईं, जिससे काठ बंगला क्षेत्र में एक मकान बह गया। मसूरी-देहरादून मार्ग पर भूस्खलन से यातायात ठप हो गया।
लापता लोगों की तलाश जारी
इस आपदा के बाद अब भी 2 लोग लापता हैं (जिनकी तलाश जारी है), कुछ लोग घायल हुए हैं। मसूरी में एक मजदूर की मौत की भी खबर है। जिला प्रशासन के अनुसार, कोई मौत की पुष्टि सहस्त्रधारा में नहीं हुई, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है। जिला प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है,
उत्तराखंड सरकार के मंत्री गणेश जोशी (शहरी विकास मंत्री) ने ही सहस्त्रधारा पहुंचकर स्थिति का आकलन किया। उन्होंने राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए और प्रभावितों को तत्काल सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने हालात का लिया जायजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम धामी से फोन पर बात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सहस्त्रधारा का शिवलिंग जलमग्न हो गया, जबकि आसपास के मंदिर और पिकनिक स्पॉट्स तबाह हो गए। देहरादून-हरिद्वार राजमार्ग पर उत्तराखंड डेंटल कॉलेज के पास एक पुल बह गया। मसूरी में भी भारी तबाही हुई, जहां एक मजदूर की मौत हो गई। होटल-रिजॉर्ट मलबे में तब्दील हो गए, दुकानें ध्वस्त। गाड़ियां बह गईं, सड़कों पर नदी जैसी धारा बह रही है। प्रारंभिक अनुमान से करोड़ों का नुकसान हुआ है।
IMD का अलर्ट
आईएमडी ने 16 सितंबर को देहरादून, पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है । मॉनसून विदाई के बावजूद बारिश जारी रहने चेतावनी दी है सहस्त्रधारा क्षेत्र में प्रवेश निषेध कर दिया गया है। राज्य सरकार की हिदायत अगर यात्रा अनिवार्य हो, तो स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। बाढ़ चेतावनी ऐप्स चेक करें। आपातकाल में हेल्पलाइन 1070 या 112 डायल कर संपर्क किया जा सकता है।
