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रिश्वतखोरी में CBI का बड़ा एक्शन, MIL के डायरेक्टर समेत 3 गिरफ्तार; 2.23 करोड़ कैश बरामद

पुणे में छापेमारी के दौरान 1.73 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए, जबकि मैसूरु, बेंगलुरु और दिल्ली में तलाशी के दौरान करीब 50 लाख रुपये कैश और अहम दस्तावेज मिले हैं।

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कैश बरामद

मुंबई : CBI ने रिश्वतखोरी के एक मामले में म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (MIL) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल कुमार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुणे में छापेमारी के दौरान 1.73 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए, जबकि मैसूरु, बेंगलुरु और दिल्ली में तलाशी के दौरान करीब 50 लाख रुपये कैश और अहम दस्तावेज मिले हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में निजी कंपनी का CEO भी शामिल

मीडिया के सवालों के जवाब में दी गई जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों के नाम हैं:

1-अनिल कुमार — एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (MIL)।

2-आशीष कंसल — M/s SMPP Ltd. के CEO और डायरेक्टर/प्रमोटर।

3-बी. हर्षवर्धन — अनिल कुमार के भाई।

CBI ने इस मामले में 12 अक्टूबर 2026 को केस दर्ज किया था। आरोप है कि पुणे स्थित म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर तैनात अनिल कुमार कुछ निजी ठेकेदारों और वेंडरों के साथ मिलीभगत कर कथित तौर पर रिश्वत की मांग करने और उसे स्वीकार करने में शामिल थे। आरोप है कि इसके बदले आधिकारिक कामकाज में अनुचित लाभ पहुंचाया जाता था।

पुणे में 1.73 करोड़ रुपये नकद बरामद

मामला दर्ज करने के बाद CBI ने आरोपी अधिकारी के पुणे स्थित ठिकानों पर तलाशी ली। इस दौरान 1 करोड़ 73 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

इसके अलावा मैसूरु, बेंगलुरु और दिल्ली में भी आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई। इन तलाशी अभियानों में करीब 50 लाख रुपये नकद और मामले से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद हुए। इस तरह जांच एजेंसी ने कुल करीब 2 करोड़ 23 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

CBI की जांच जारी

CBI अब इस मामले में कथित रिश्वतखोरी से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। बरामद दस्तावेजों और नकदी से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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