Bihar MLC Elections: बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक सीट से जीत दर्ज करने वाले नीरज कुमार ने गुरुवार को अपनी जीत को 'बौद्धिक जनादेश' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह नैतिक बल की राजनीति की जीत है, जहां बाहुबल और धन बल की राजनीति नहीं चल सकी।
टाइम्स नाउ नवभारत के साकेत कुमार के साथ खास बातचीत में नीरज कुमार ने जदयू नेता राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के विषय पर भी बात की। उन्होंने कहा, ''यह बौद्धिक जनादेश है। नैतिक बल की राजनीति की जीत है, लेकिन बाहुबल और धन बल की राजनीति नहीं चली।''
नीरज कुमार ने अपनी जीत में पार्टी और एनडीए गठबंधन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। जब उनसे ललन सिंह से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पूरी पार्टी और एनडीए गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व से लेकर निचली इकाई तक के कार्यकर्ता एकजुट होकर खड़े थे।
क्या ललन सिंह से मिलेंगे नीरज कुमार?
'आज आप बहुत लोगों से मिले। क्या आप ललन सिंह से भी मुलाकात करेंगे, क्या उनसे फोन पर बात हुई?' इस सवाल पर नीरज कुमार ने कहा, ''हमारी कोई बातचीत नहीं होगी। अभी तो जिन लोगों ने संपर्क किया और जो पटना में उपलब्ध हैं, उनसे मिल लिए... अभी संतोष सुमन जी से भी मुलाकात नहीं हुई। अभी तो धीरे-धीरे सभी से मुलाकात कर रहे हैं। इसी बीच कार्यकर्ताओं से भी मिलना लगा रहता है।''
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: बिहार विधान परिषद में सगे भाइयों की जोड़ी, एक RJD तो दूसरे कांग्रेस से उठाएंगे आवाज; जानें कौन हैं संजीव कुमार-राजीव कुमार
अपने दिल के दर्द को बयां करते हुए नीरज कुमार ने आगे कहा कि वे एक सामान्य परिवार से आते हैं और जान हथेली पर रखकर बिना किसी लोभ-मोह या आर्थिक स्वार्थ के काम करते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यदि उन्होंने काम किया है, तो उन्हें सम्मान मिलना चाहिए और यह उनका अधिकार बनता है।
