Bihar Weather Update (26 Apr 2026): बिहार में इस समय कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहाँ दक्षिण बिहार के जिलों में सूरज आग उगल रहा है, वहीं उत्तर बिहार और सीमांचल के इलाकों में 'काल बैसाखी' के प्रभाव से राहत की फुहारें बरसने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को राज्य के 19 जिलों के लिए आंधी, बारिश और वज्रपात का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
बिहार में वज्रपात और मेघ गर्जन की चेतावनी
उत्तर बिहार में 'काल बैसाखी' का असर, 19 जिलों में अलर्ट (Bihar Rain Alert Today)
बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और पूर्वी बिहार के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण राज्य में 'काल बैसाखी' की स्थिति बन रही है। इसके प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना है। किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सुपौल, किशनगंज और मधुबनी में शनिवार शाम को हुई ओलावृष्टि और बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
दक्षिण बिहार अब भी सबसे गर्म (Kaimur Rohtas Heatwave)
उत्तर बिहार में बारिश की संभावना के बीच दक्षिण और मध्य बिहार में तपिश कम होने का नाम नहीं ले रही है। रोहतास जिले का डेहरी क्षेत्र 44.4 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान बना हुआ है। गया, औरंगाबाद, बक्सर और शेखपुरा में भी पारा 40 डिग्री के पार है। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल लू (Heatwave) का कोई आधिकारिक अलर्ट नहीं है, लेकिन उमस (Humidity) ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है।
राजधानी पटना में बढ़ी उमस (Patna Weather Today)
पटना की स्थिति काफी नाजुक है। शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री दर्ज किया गया, जिसके सोमवार तक 43 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं। सुबह 8 बजे से ही तीखी धूप लोगों को झुलसाने लगती है। हालांकि, सोमवार से पटना में भी 'काल बैसाखी' का असर दिखने की उम्मीद है, जिससे हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने से पारे में कुछ गिरावट आ सकती है।
कृषि और स्वास्थ्य पर असर (IMD Advisory)
भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की बाढ़ आ गई है। दूसरी ओर, उत्तर बिहार में होने वाली बारिश आम और लीची की फसलों के लिए कहीं वरदान तो कहीं (ओलावृष्टि के कारण) अभिशाप साबित हो रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों और आम लोगों को वज्रपात (आकाशीय बिजली) के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है।
लू से कैसे बचें (How to avoid Heat Stroke in Hindi)
भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें, इसलिए प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी पीते रहें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, बाहर निकलने से बचें और यदि निकलना जरूरी हो, तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, सिर को ढंककर रखें, धूप का चश्मा और छाते का प्रयोग करें। खाली पेट घर से बाहर न निकलें और तरबूज, ककड़ी व खीरे जैसे मौसमी फलों का सेवन करें। यदि चक्कर आना, तेज सिरदर्द या बहुत अधिक थकान महसूस हो, तो तुरंत ठंडी जगह पर आराम करें और स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
