Ujjain Rape Case: मध्य प्रदेश (म.प्र) के उज्जैन में 12 साल की मासूम के साथ हैवानियत के बाद जो कुछ हुआ वह दरिंदगी से भी अधिक रूह कंपा देने वाला है। ढाई-तीन घंटे का वह बेशर्मी और बुजदिली से भरा पूरा घटनाक्रम यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम इंसान है?...हम दुनिया भर की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, पर जब कोई चौखट पर अर्धनग्न और बदहवास हालत में आकर मदद की गुहार लगाता है तब चुप्पी साध लेते हैं। मुंह फेर लेते और साबित कर देते हैं कि इंसानियत मर चुकी है। महाकाल की नगरी की यह घटना हर जिम्मेदार नागरिक पर किसी आईना दिखाने वाले तमाचे से कम नहीं है। यह घटना चीख-चीखकर बताती है कि हाय रे उज्जैन...ये कैसी घटना घट गई!
वैसे, मामले में 38 बरस के ऑटो ड्राइवर राकेश को अरेस्ट किया गया है। पुलिस ने इसके साथ ही तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पड़ताल के दौरान पुलिस के दस्ते को राकेश के ऑटो में खून के दाग/निशान भी मिले। वैसे, पूछताछ में राकेश ने बलात्कार की बात से साफ इन्कार किया है। उसने बताया कि सिर्फ मदद के मकसद से उसने बच्ची को ऑटो में बैठाया था।
हालांकि, पुलिस को उसके बयान पर यकीन नहीं है। पुलिस मान कर चल रही है कि अगर ड्राइवर ने उसकी असल में मदद की तब उसने उसकी हालत के बारे में फौरन पुलिस को क्यों नहीं बताया? वह उसकी जख्मी हालत देख उसे हॉस्पिटल क्यों नहीं ले गया। राह-राह भटक रही बच्ची की मदद तब दंडी सेवा आश्रम के व्यवस्थापक आचार्य राहुल शर्मा ने की थी, जिनके पास 'टाइम्स नाऊ नवभारत' की टीम पहुंची और जाना कि आखिर उस रोज क्या हुआ था:
