शहर

दोगुना हुआ मेट्रो का किराया, 20 की जगह 50 रुपये की मिलेगी टिकट; यात्रियों का बिगड़ा बजट

Bangalore Metro Ticket Fare: आईटी हब बेंगलुरु मेट्रो का सफर महंगा हो गया है। बीएमआरसीएल अब दोगुना से ज्यादा किराया वसूल कर रहा है। कुछ मामलों में किराये में 100 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ोतरी की गई है। अभी तक जो यात्री 18 रुपये दे रहे थे, उन्हें अब समान दूरी के लिए 40 रुपये देने पड़ रहे हैं।

Image

बेंगलुरु मेट्रो का किराया बढ़ा

Bangalore Metro Ticket Fare: मेट्रो रेल किराये में भारी वृद्धि को लेकर जारी आलोचनाओं के बीच बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) के प्रबंध निदेशक (एमडी) एम महेश्वर राव ने बृहस्पतिवार को संकेत दिए कि किराया वृद्धि में “विसंगतियों” को दूर करने की कोशिश की जाएगी। बेंगलुरु में पत्रकारों से मुखातिब राव ने कहा कि किराये में कोई संशोधन नहीं किया जाएगा, बल्कि सिर्फ विसंगतियां दूर की जाएंगी, जिसका मतलब है कि संशोधन के मूल ढांचे से छेड़छाड़ किए बिना कुछ चरणों के लिए वृद्धि में कटौती की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि बीएमआरसीएल ने मेट्रो रेलवे (संचालन एवं रखरखाव) अधिनियम के प्रावधानों को कमजोर किए बिना किराया वृद्धि में विसंगतियों को दूर करने का प्रस्ताव किया है, जिससे 46 फीसदी यात्रियों को राहत मिलेगी।

बीएमआरसीएल को मेट्रो रेल किराये में भारी वृद्धि को लेकर तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मामलों में किराये में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई है, जिसके चलते मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को हस्तक्षेप करना पड़ा है। राव ने कहा कि समिति ने हमें किराया तय करने की एक प्रणाली सुझाई थी। हमें किराया वृद्धि में सुधार और विसंगतियों को दूर करने की कुछ गुंजाइश नजर आ रही है।

बेंगलुरु मेट्रो का किराया कितना

उन्होंने कहा कि हमने पाया कि कुछ मामलों में किराये में 100 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ोतरी की गई है। कुछ लोगों ने शिकायत की है कि जो यात्री 18 रुपये दे रहे थे, उन्हें अब समान दूरी के लिए 40 रुपये देने पड़ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि मेट्रो कार्ड से किराया 36 रुपये आ रहा है (क्योंकि कार्ड इस्तेमाल करने वालों को पांच फीसदी छूट मिलती है।) कुछ लोगों ने कहा कि जो यात्री पहले 22 रुपये चुका रहे थे, अब उन्हें 50 रुपये देने पड़ रहे हैं। राव ने कहा कि वे चरणवार किराये की गणना में कुछ त्रुटियों को ठीक कर रहे हैं, जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिलेगी। मेट्रो से रोजाना यात्रा करने वाले 7.5 लाख से 8.5 लाख लोगों में से लगभग तीन लाख को इन सुधारों से राहत मिलेगी, क्योंकि हम चरणवार किराये में कुछ कमी लाने में सक्षम होंगे।

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का हस्तक्षेप

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि उन्होंने बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) को मेट्रो किराए में हुई असमान वृद्धि को ठीक करने का निर्देश दिया है। सीएम ने यह हस्तक्षेप तब किया जब मेट्रो किराए में हालिया बढ़ोतरी को लेकर यात्रियों की शिकायतें सामने आईं। सिद्धरमैया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) ने जिस तरह से बेंगलुरु मेट्रो किराया संशोधन को लागू किया है, उससे विसंगतियां पैदा हो गई हैं और कुछ खंडों में किराया दोगुना से भी अधिक हो गया है।

मैंने बीएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक को इन विसंगतियों को तुरंत दूर करने और जहां असामान्य रूप से वृद्धि हुई है, वहां किराए को कम करने का निर्देश दिया है। यात्रियों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए। बीएमआरसीएल ने कहा था कि उसने किराए में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि की है, लेकिन अब यह सामने आया है कि कुछ मार्गों पर यह बढ़ोतरी दोगुने से भी ज्यादा हो गई है। बीएमआरसीएल ने कैब सेवा कंपनियों से प्रेरणा लेते हुए ‘पीक टाइम’ के लिए अलग दर भी पेश की। किराए में भारी वृद्धि से छात्रों और निम्न आय वर्ग के लोगों समेत कई यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। किराया बढ़ने के बाद यात्रियों ने बसों और निजी वाहनों का रुख कर लिया। बीएमआरसीएल के सूत्रों के अनुसार, किराया संशोधन के बाद उसकी आय में गिरावट दर्ज की गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!