केरल के बाद मुंबई में भी पहले पहुंचा मानसून, आंधी-बारिश ने कई राज्यों में मचाई तबाही
IMD Weather Forecast Today, Garmi Ka Mausam (अत्यधिक गर्मी) Aaj Ka Mausam Vibhag Ka Samachar, Mausam Ki Jankari Heat Wave (Loo): देश के अधिकतर राज्यों में इन दिनों झमाझम बारिश हो रही है। जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मुंबई में बीते दिन जोरदार बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए। मुंबई में मानसून की भी दस्तक हो गई है। इससे पहले केरल में भी समय से पहले मानसून का आगमन हुआ है। वहीं कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात में भी आंधी-बारिश ने तबाही मचाई हुई है। देश की राजधानी दिल्ली में भी इस सप्ताह तेज हवाओं संग बारिश का अनुमान जताया गया है। आइए जानते हैं कि आज देश के अलग-अलग हिस्से में मौसम कैसा रहने वाला है:
केरल के बाद मुंबई में भी पहले पहुंचा मानसून, आंधी-बारिश ने कई राज्यों में मचाई तबाही
29 मई से दिल्ली में फिर शुरू होगा बारिश का दौर
गौतमबुद्ध नगर में उमस भरी गर्मी
दिल्ली में उमस भरी गर्मी का दौर जारी
महाराष्ट्र के चार जिलों में आंधी और भारी बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने आज महाराष्ट्र के चार जिलों में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इन चार जिलों में सतारा, रत्नागिरी, कोल्हापुर और सिंधुदुर्ग शामिल है। यहां अत्यधिक वर्षा होने का अलर्ट जारी किया गया है।
IMD ने बताया, इन जगहों पर होगी भारी बारिश
Aaj Ka Mausam Shimla LIVE: हिमाचल में आंधी-ओले का अलर्ट
Aaj Ka Mausam Patna LIVE: राजधानी में बारिश के आसार
राजस्थान में मौसम के दो रंग
मुंबई में दर्ज हुई हल्की बारिश
मुंबई में बारिश से एक अंडरग्राउंट मेट्रो स्टेशन में भी भरा पानी
कर्नाटक में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में सोमवार को लगातार तीसरे दिन मूसलाधार बारिश हुई जिससे दक्षिण कन्नड़ जिले में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थिति को देखते हुए कन्नड़ जिले में प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी कर आपदा प्रतिक्रिया दलों की तैनाती की है। आईएमडी ने कहा कि कर्नाटक के तटीय इलाकों के लिए रेड अलर्ट अगले पांच दिनों तक लागू रहेगा। मंगलुरु शहर के कई हिस्सों में जलभराव और यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई, क्योंकि जल निकासी प्रणालियां भारी बारिश से निपटने में विफल रहीं। अधिकारियों के अनुसार, जिले भर के पहाड़ी क्षेत्रों से भूस्खलन की मामूली घटनाएं सामने आईं।
पश्चिम बंगाल में 28 मई से होगी भारी बारिश
कोलकाता शहर और दक्षिण बंगाल के कुछ हिस्सों में सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई। इसे मौसम विभाग ने उस दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन से पहले की बारिश बताया, जो वर्तमान में पूर्वोत्तर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 27 मई के आसपास बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तरी भाग में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इसके प्रभाव से 28 मई से राज्य के कुछ जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
मंगलुरु में भारी बारिश का कहर
कर्नाटक के मंगलुरु शहर में कई हिस्सों में सोमवार को भारी बारिश हुई। जिस कारण जल निकासी व्यवस्था चरमरा गई। जिससे अनेक इलाकों में जलभराव हो गया और यातायात भी प्रभावित हुआ। जिसके चलते स्कूलों को भी बंद करना पड़ा। इससे आम लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि सोमवार और मंगलवार के लिए दक्षिण कन्नड़ जिले में मौसम विभाग द्वारा जारी ‘रेड एलर्ट’ के बीच पूरे जिले में पिछले चौबीस घंटे में 144.5 मिमी. वर्षा दर्ज की गयी जिससे जिले के अनेक इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गयी।
दिल्ली में आंधी-तूफान और बारिश वाला सप्ताह
दिल्ली में इस महीने के आखिरी सप्ताह में आसमान में बादल छाये रहने के साथ ही आंधी-तूफान और बारिश होने का अनुमान है। यह महीना पहले ही अब तक का सबसे अधिक बारिश वाला मई माना जा रहा है। मौसम विभाग ने अपने साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान में कहा कि दिल्ली में बादल छाए रहने, मेघगर्जन और बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही 30-50 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है, जो 60 किलोमीटर प्रतिघंटे तक भी पहुंच सकती हैं। इस दौरान न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान 33 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
केरल के बाद मुंबई में भी जल्दी पहुंचा मानसून
आईएमडी ने सोमवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य तारीख से 16 दिन पहले मुंबई पहुंच गया है और 1950 के बाद से पहली बार इसका इतनी जल्दी आगमन हुआ है। मानसून ने शनिवार को केरल में दस्तक दी, जो 2009 के बाद से भारत की मुख्य भूमि पर इतनी जल्दी इसका पहली बार आगमन है। उस साल यह 23 मई को इस राज्य में पहुंचा था। दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर एक जून तक केरल में प्रवेश करता है, 11 जून तक मुंबई पहुंचता है और 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से लौटना शुरू कर देता है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से लौट जाता है।
