आज का मौसम, 30 September 2024 Highlights: यूपी में भारी बारिश के बाद तेज धूप, बिहार की कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
Aaj Barish Hogi ki Nhi (आज का मौसम ) 30 September 2024, Aaj ka Mausam kaisa Rahega: उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार में समेत कई राज्यों में भारी का दौर जारी है। यूपी में पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है। बिहार-एमपी, गुजरात और महाराष्ट्र में तेज बारिश देखने को मिल रही है। उधर, पहाड़ों में भारी बारिश से उत्तराखंड-हिमाचल में बारिश से लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। इधर, बिहार-गुजरात में कई नदियां उफान पर हैं, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इसी प्रकार मॉनसून और बारिश से जुड़ी खबरें जानने के लिए टाइम्स नाउ नवभारत के साथ जुड़े रहिए-
आज का मौसम, 30 September 2024 Highlights: यूपी में भारी बारिश के बाद तेज धूप, बिहार की कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
यूपी में बारिश के बादल छट गए, आसमान हुआ साफ
उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर अब थम गया है। आने वाले दिनों में बारिश की कोई संभावना नहीं है। बारिश न होने से शहर के तापमान में फिर वृद्धि होने लगी है। हालांकि अभी सुबह-शाम का मौसम सुहावना बना हुआ है।
दिल्ली में कैसा रहा मौसम?
दिल्ली-एनसीआर में थमा बारिश का दौर
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर थम गया है। बीते कई दिनों से शहर में बारिश नहीं हो रही है। बारिश की कमी के कारण यहां उमस भरी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। दिल्ली में मानों अब मानसून की विदाई हो गई है।
राजस्थान के इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट
यूपी में भारी बारिश के बाद तेज धूप
दिल्ली का अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस
य़ूपी में देर रात से भारी बारिश
देश में 2024 में सामान्य से आठ फीसदी ज्यादा बारिश
देश में 2020 की अपेक्षाकृत इस वर्ष आठ फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई।मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरे देश में 1 जून से 29 सितंबर के बीच औसत बारिश 932.2 मिमी रही। जबकि, दीर्घावधि औसत 865 मिमी है। इस प्रकार यह सामान्य से 7.8 प्रतिशत अधिक है। साल 2020 के बाद यह सबसे अच्छा मानसून रहा है। खासकर पिछले साल सामान्य से कम बारिश के कारण जलाशयों में पानी की कमी इस बार दूर हो गई है।
2020 के बाद इस साल सबसे अच्छा रहा मानसून
देश में इस साल मानसून में सामान्य से लगभग आठ फीसदी अधिक बारिश हुई। एक तरफ जहां उत्तर पश्चिमी भारत, मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप में सामान्य से अधिक वर्षा हुई, वहीं पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई।
केरल में मछुआरों को समुद्र में जाने से रोका गया
केरल में भारी बारिश से और समुद्री लहरों की वजह से मछुआरों को समुद्र में जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है, क्योंकि 30 सितंबर तक केरल-लक्षद्वीप तटों पर तूफानी मौसम रहने की संभावना है। हवा की गति 35-45 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।
केरल में 5 अक्टूबर तक भारी बारिश का पूर्वानुमान
केरल में 5 अक्टूबर तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने एक अक्टूबर तक राज्य के नौ जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है। आईएमडी ने रविवार को एक बयान में कहा कि आने वाले दिनों में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक भारी बारिश होने का अनुमान है। 30 सितंबर को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, कोझीकोड, वायनाड, कन्नूर में येलो अलर्ट है। वहीं, 1 अक्टूबर को पथानामथिट्टा, एर्नाकुलम और इडुक्की में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
गुजरात में विश्वामित्री नदी का जलस्तर बढ़ा
भारी बारिश से विश्वामित्री नदी का जलस्तर बढ़ गया। अधिकारियों के मुताबिक शहर में महज दो घंटे में 76 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। विश्वामित्री नदी और अजवा झील में जलस्तर बढ़ने से स्थानीय प्रशासन चिंतित है, जो लगभग एक महीने पहले आई बाढ़ की याद दिलाता है, जब हजारों लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। विश्वामित्री नदी 20.30 फुट पर बह रही थी, जो खतरे के निशान 25 फुट से कम है, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि वे बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
वडोदरा में भारी बारिश से निचले इलाकों में पानी भरा
गुजरात के वडोदरा शहर में भारी बारिश के कारण रविवार शाम निचले इलाकों में पानी भर गया और विश्वामित्री नदी का जलस्तर बढ़ गया।
गंडक नदी पर तटबंध क्षतिग्रस्त
सीतामढ़ी जिले के मधकौल गांव में बागमती नदी के तटबंध में रविवार को जहां दरार की खबर आई, वहीं पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी पर पानी के अत्यधिक दबाव के कारण बगहा-1 प्रखंड में नदी के बाएं किनारे पर स्थित तटबंध शाम 4.50 बजे क्षतिग्रस्त हो गया जिससे बाढ़ का पानी पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में भी प्रवेश कर गया। इससे वहां के वन्यजीवों को खतरा उत्पन्न हो गया है।
बिहार में बाढ़ से कई स्थानों पर तटबंध टूटे, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पानी घुसा
बिहार में रविवार को भी बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी रही। कई स्थानों पर नदियों के तटबंध टूट गए हैं और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बाढ़ का पानी घुस गया है जिसका असर भारत-नेपाल सीमा से लगते जिलों पर सबसे अधिक पड़ा है।
