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गुजरात में बेहद दर्दनाक हादसा! वडोदरा में 7 साल के बच्चे की बस के हाइड्रोलिक दरवाजे में गर्दन फंसने से मौत

गुजरात के वडोदरा में 7 साल के बच्चे की बस के हाइड्रोलिक दरवाजे में गर्दन फंसने से मौत हो गई। यह घटना बुधवार शाम वडोदरा के बाहरी इलाके में एक गैराज में हुई।

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प्रतीकात्मक फोटो

गुजरात में 7 साल के बच्चे की बस के हाइड्रोलिक दरवाजे में गर्दन फंसने से मौत हो गई। यह घटना बुधवार शाम वडोदरा के बाहरी इलाके में एक गैराज में हुई। पुलिस ने बताया कि गुजरात के वडोदरा में एक गैराज में खड़ी बस के हाइड्रोलिक दरवाज़े में गर्दन फंसने से सात साल के एक बच्चे की मौत हो गई।

यह घटना बुधवार शाम वडोदरा के बाहरी इलाके में एक गैराज में हुई। बच्चे की पहचान दिव्येश राठवा के तौर पर हुई है। वह गैराज के पास खेल रहा था, तभी वह खड़ी बस के अंदर चला गया। पुलिस के मुताबिक, बस खड़ी हुई थी, तभी उसका दरवाजा अचानक बंद हो गया और बच्चे की गर्दन उसमें फंस गई।

दिव्येश अपने माता-पिता के साथ गैराज के पीछे बने घर में रहता था

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अभिषेक गुप्ता ने कहा कि घटना के हालात की जांच की जा रही है और एक्सीडेंटल डेथ (दुर्घटना से हुई मौत) की रिपोर्ट दर्ज की गई है। दिव्येश अपने माता-पिता के साथ गैराज के पीछे बने घर में रहता था; उसके माता-पिता मजदूरी का काम करते हैं।

घटना से पहले बच्चा इलाके में खेल रहा था

पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले बच्चा इलाके में खेल रहा था। घटना के बारे में एक और जानकारी यह है कि दिव्येश अपनी मां से यह कहकर घर से निकला था कि वह बाजार जा रहा है। जब वह वापस नहीं लौटा, तो परिवार वालों ने उसे खोजना शुरू किया।खोजते-खोजते वे बस तक पहुंचे।

गैराज के CCTV फुटेज में आगे की घटना रिकॉर्ड हुई

पुलिस ने बताया कि गैराज के CCTV फुटेज में आगे की घटना रिकॉर्ड हुई। फुटेज में गैराज में मौजूद दो लोगों को बच्चे को बचाने की कोशिश करते हुए देखा गया। दिव्येश को फंसा हुआ देखकर उन्होंने बस का दरवाजा धक्का देकर खोला।लेकिन तब तक बच्चा बेहोश हो चुका था।उसे बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसकी जांच की, लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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