Ganga Expressway Inauguration Date: उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक कई बड़े एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं। यूपी में बन रहा अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट यानी गंगा एक्सप्रेसवे भी बनकर तैयार हो चुका है। अब तो इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं। बता दें कि 594 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक सफर को आसान बनाएगा। यूं ही नहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के लिए यह टैग लाइन बनाई है - गंगा एक्सप्रेसवे: यूपी की रफ्तार, देश की पहचान।
गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन का समय निर्धारित कर दिया गया है
गंगा एक्सप्रेसवे को जल्द ही आम जनता के लिए खोला जाएगा। इसके लिए मार्च के अंतिम सप्ताह का समय तय किया गया है। अंतिम तैयारियां चल रही हैं और राज्य सरकार इसके उद्घाटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाने के लिए प्रधानमंत्री दफ्तर से संपर्क कर रही है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) के अधिकारियों का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 25 से 31 मार्च के बीच हो सकता है।
मेरठ को प्रयागराज से जोड़ रहा गंगा एक्सप्रेसवे
UPEIDA की इच्छा है कि 1 अप्रैल से पहले गंगा एक्सप्रेसवे पर आप फर्राटा भरें। इसके पीछे UPEIDA की मंशा है कि वित्त वर्ष 2026-27 में यह एक्सप्रेसवे राज्य के रेवेन्यू में अपना योगदान दे। 36200 करोड़ रुपये के बजट के साथ शुरू हुए इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य काफी तेजी से किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2021 में इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी। पीएम द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे की नींव रखे जाने के तुरंत बाद इसका सिविल कंस्ट्रक्शन का काम शुरू हो गया था। कुल 6 लेन का गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ में बिजोली गांव से शुरू होकर प्रयागराज में जुंडापुर डुंडु गांव तक जाता है।
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देगा गंगा एक्सप्रेसवे
NCR के लोगों को होगा बड़ा फायदा
गंगा एक्सप्रेसवे के स्टार्टिंग और एंड प्वाइंट दोनों को ही बड़ी चतुराई से चुना गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका उपयोग कर सकें। भविष्य में NCR और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा वाहन चालक इसका इस्तेमाल कर पाएंगे। बता दें कि मेरठ जिले में बिजोली गांव, मेरठ-हापुड़ हाईवे के बहुत करीब है और प्रयागराज जिले का जुंडापुर डुंडु जहां यह एक्सप्रेसवे समाप्त होगा, वह गांव भी फाफामऊ-प्रतापगढ़ हाईवे के पास है।
1 अप्रैल तक हर हाल ट्रैफिक के लिए चालू होगा एक्सप्रेसवे
UPEIDA के एडिशनल चीफ एग्जक्यूटिव ऑफिसर श्रीहरि प्रताप शाही ने जानकारी दी कि हम एक्सप्रेसवे के अलग-अलग एग्जिट प्वाइंट्स पर टोल मैनेजमेंट सिस्टम का ट्रायल शुरू कर चुके हैं। मेन कैरिजवे की राइ़ड क्वालिटी और सड़क की स्मूथनेस कीजांच केलिए प्रोफेसनल्स को नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा, हम 1 अप्रैल तक हर हाल में गंगा एक्सप्रेसवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोलना चाहते हैं। अंतिम फैसला वरिष्ठ अधिकारियों से विमर्श करके लिया जाएगा।
श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट को 4 पैकेजेस में बांटा गया था और कंस्ट्रक्शन कंपनियों को सौंपा गया। राज्य सरकार ने उनके लिए जो समय सीमा तय की थी, उन्होंने उसके अंदर ही अपना काम पूरा कर दिया है। इस पूरे प्रोजेक्ट को तैयार करने में अलग-अलग तरह के 1498 स्ट्रक्चर बनाने की जरूरत पड़ी जो बनकर तैयार हैं और एक्सप्रेसवे पर वाहनों के दबाव को झेलने के लिए तैयार हैं।
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बेहतरीन कनेक्टिविटी का नाम होगा गंगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे एक बार आम जनता के लिए खुल गया तो इससे पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को पंख लग जाएंगे। मेरठ से प्रयागराज जाने में जो अभी 12 घंटे का समय लगता है, वह गंगा एक्सप्रेसवे के खुल जाने के बाद घटकर मात्र 6 से 8 घंटे रह जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे राज्य के 12 जिलों से होकर गुजरता है, जिससे यह उत्तर प्रदेश की इकोनॉमी को और भी मजबूती देगा।
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे
इन जिलों से गुजर रहा है गंगा एक्सप्रेसवे
- मेरठ
- हापुड़
- बुलंदशहर
- अमरोहा
- संभल
- बदायूं
- शाहजहांपुर
- हरदोई
- उन्नाव
- रायबरेली
- प्रतापगढ़
- प्रयागराज
क्लोज टोल सिस्टम के लिए डिजाइन हुआ गंगा एक्सप्रेसवे
जैसा कि हमने ऊपर बताया गंगा एक्सप्रेसवे को बनाने में 36 हजार करोड़ से ज्यादा की लागत आई है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के पास मेरठ जिले में बिजोली गांव से शुरू होकर प्रयागराज जिले में जुंडापुर डुंडु गांव तक बना है। ज्ञात हो कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड है और क्लोज टोल सिस्टम के लिए डिजाइन किया गया है। गंगा एक्सप्रेसवे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि आप हर मौसम में इस पर फर्राटा मार सकते हैं। इससे आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की भी समस्या नहीं होगी।
गंगा एक्सप्रेसवे से 12 घंटे की दूरी 6-8 घंटे में सिमट जाएगी
गंगा एक्सप्रेसवे पर उतरेंगे हवाई जहाज
शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे पर 3.5 किमी लंबी एक एयरस्ट्रिप बनाई गई है। किसी भी आपात स्थिति में यहां पर विमानों की लैंडिंग हो सकती है और यहां से विमान टेकऑफ भी कर सकते हैं। एक्सप्रेसवे के अकेले इसी एयरस्ट्रिप वाले हिस्से पर लगभग 250 कैमरे लगाए गए हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए NCR से प्रयाग तक डायरेक्ट हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी। एक्सप्रेसवे के खुल जाने से ट्रैवेल टाइम कम होगा, फिर चाहे आप जाएं या सामान का आवाजाही हो। उम्मीद है कि गंगा एक्सप्रेसवे से क्षेत्र में औद्योगिक विकास, व्यापार, कृषि और पर्यटन सहित कई सेक्टरों को फायदा होगा।
FAQs
गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कब होगा?
UPEIDA के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 25 से 31 मार्च के बीच हो सकता है। राज्य सरकार 1 अप्रैल से पहले इसे आम जनता के लिए खोलने की तैयारी में है।
गंगा एक्सप्रेसवे लंबाई कितनी है और किन शहरों को जोड़ेगा?
यह एक्सप्रेसवे 594 किमी लंबा है और मेरठ के बिजोली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुंडापुर डुंडु गांव तक जाता है। इससे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे की लागत कितनी है और इसकी नींव कब रखी गई थी?
करीब 36,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे की नींव दिसंबर 2021 में PM Narendra Modi ने रखी थी। इसके बाद तेजी से निर्माण कार्य पूरा किया गया।
गंगा एक्सप्रेसवे किन-किन जिलों से होकर गुजरता है?
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत कुल 12 जिलों से होकर गुजरता है।
क्या गंगा एक्सप्रेसवे पर एयरस्ट्रिप भी बनाई गई है?
जी हां, शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी एयरस्ट्रिप बनाई गई है, जहां आपात स्थिति में विमान लैंड और टेकऑफ कर सकते हैं। यह सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
गंगा एक्सप्रेसवे से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
एक्सप्रेसवे खुलने के बाद मेरठ से प्रयागराज का सफर 12 घंटे से घटकर लगभग 6–8 घंटे रह जाएगा। इससे NCR और पूर्वी यूपी के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, व्यापार, कृषि और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
