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एचडीएफसी बैंक शेयर के लौटेंगे अच्छे दिन! LIC 10% तक बढाएगी हिस्सेदारी, RBI ने दी मंजूरी

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के शेयर में आज 1 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखा गया। इस तेजी के पीछे RBI की तरफ से LIC को HDFC BANK में हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी है।

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HDFC के शेयर में उछाल

LIC Stake in HDFC Bank : भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC को HDFC Bank में अपनी हिस्सेदारी करीब ढाई गुना तक बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने 19 अगस्त, 2026 को LIC को बैंक की चुकता शेयर पूंजी (Paid Share Capital) या वोटिंग राइट्स में कुल 9.99% तक हिस्सेदारी हासिल करने की अनुमति दी है। इस खबर के बाद 20 अगस्त की शुरुआती ट्रेडिंग में HDFC Bank और LIC दोनों के शेयरों में तेजी देखने को मिली।

अभी कितनी हिस्सेदारी है LIC के पास?

HDFC Bank ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि 14 अगस्त, 2026 की उपलब्ध स्थिति के मुताबिक LIC के पास बैंक की कुल शेयर पूंजी में 4.11% हिस्सेदारी है। RBI की मंजूरी के बाद अब LIC इसे बढ़ाकर अधिकतम 9.99% तक ले जा सकती है। हालांकि, मंजूरी का मतलब यह नहीं है कि LIC तुरंत पूरी 9.99% हिस्सेदारी खरीद लेगी। खरीदारी नियामकीय शर्तों और लागू नियमों के अधीन होगी।

शेयर बाजार ने कैसे दिया रिएक्शन?

RBI की मंजूरी की खबर का असर दोनों शेयरों पर शुरुआती कारोबार में दिखा। HDFC Bank Share करीब 1% चढ़कर 728 रुपये तक पहुंच गया। इसी दौरान बैंक का मार्केट कैप लगभग 11.20 लाख करोड़ रुपये हो गया। दूसरी ओर LIC का शेयर भी 0.21% की बढ़त के साथ 413.85 रुपये तक पहुंचा और कंपनी का बाजार मूल्य करीब 5.23 लाख करोड़ रुपये रहा।

HDFC Bank के नतीजे कैसे रहे?

यह मंजूरी ऐसे समय आई है, जब HDFC Bank के हालिया तिमाही नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जून 2026 तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 5% बढ़कर 19,059.72 करोड़ रुपये रहा। नेट इंटरेस्ट इनकम 6.7% बढ़कर 33,535.95 करोड़ रुपये पहुंची, जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.26% रहा। बैंक का ग्रॉस NPA 1.17% और नेट NPA 0.41% पर स्थिर रहा। हालांकि, बाजार में बैंक की लोन ग्रोथ और मार्जिन को लेकर कुछ चिंता बनी हुई है। इसके बावजूद कई ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि मौजूदा कमजोरी ज्यादा हद तक चक्रीय है और बैंक की लंबी अवधि की स्थिति मजबूत बनी हुई है।

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    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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