Why Share Market Up Today: शेयर बाजार इन दिनों बेहद चौंकाने वाले मूव दिखा रहा है। खासतौर पर पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर संकट बना हुआ है। भारत एनर्जी का आयातक है। लिहाजा, क्रूड और गैस की सप्लाई में आने वाली बाधा भारतीय बाजार को हिला देती है।
बहरहाल, एक बड़ा सवाल यह है कि गुरुवार को निफ्टी-सेंसेक्स 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुए। इसके पीछे दो सबसे बड़ी वजह दी गईं कि क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है और दूसरी वजह डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट बताई गई।
बहरहाल, शुक्रवार को 106 से 107 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में है। वहीं, रुपया ओपनिंग सेशन में 26 पैसे की कमजोरी के साथ 93 प्रति डॉलर से नीचे लुढ़क गया। इन दोनों अहम फैक्टर पर कमजोरी के बाद भी बाजार में तेजी बनी हुई है।
कहां पहुंचे सेंसेक्स-निफ्टी?
दोपहर के कारोबार में बाजार की तेजी और मजबूत हो गई है। निफ्टी 23,300 के ऊपर मजबूती से टिक गया है, जबकि सेंसेक्स 75,000 के ऊपर ट्रेड कर रहा है। इंडेक्स अपने इंट्राडे हाई के करीब हैं, जो संकेत देता है कि खरीदारी का दबाव अभी भी बना हुआ है और बाजार में बुल्स का कंट्रोल कायम है।
| इंडेक्स | लेवल | बदलाव (Points) | बदलाव (%) | ओपन | हाई | लो |
|---|---|---|---|---|---|---|
| NIFTY 50 | 23,314.70 | +312.55 | +1.36% | 23,110.15 | 23,345.15 | 23,109.90 |
| BSE SENSEX | 75,173.66 | +966.42 | +1.30% | 74,559.38 | 75,286.39 | 74,535.26* |
क्यों आई बाजार में तेजी?
शेयर बाजार आमतौर पर आगे की परिस्थितियों को प्राइस इन करते हुए चलता है। जब गुरुवार को निवेशकों ने देखा कि ईरान और कतर में सबसे बड़े गैस फील्ड पर हमले हुए हैं, जिससे गैस सप्लाई कई साल तक बाधित होने का खतरा बढ़ गया। इसके अलावा निवेशकों के बीच यह डर भी बढ़ गया कि एनर्जी इन्फ्रा पर अब और हमले होंगे, जिससे स्थिति खराब हो सकती है। लेकिन, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया कि अमेरिका इस तरह के हमलों के पक्ष में नहीं है और आगे एनर्जी इन्फ्रा पर कोई हमले नहीं चाहता है।
इन वजहों से सुधरे हालात
अमेरिका की तरफ से एनर्जी इन्फ्रा पर हमलों से दूरी बनाने का ऐलान। इसके अलावा अमेरिकी वित्त और विदेश मंत्रालय की तरफ से ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने के संकेत मिले। इसके बाद ब्रेंड क्रूड के दाम में तेजी थम गई और स्थिरता आने लगी। कल शाम से लगातार क्रूड के दाम 110 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बने हुए हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि ट्रंप के बयान से पश्चिम एशिया में युद्ध की तीव्रता घटने की उम्मीद बढ़ा दी है। इसकी वजह से निवेशकों में भी बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद बढ़ी है।
वैल्यू बायिंग से मिल रहा पुश
बाजार में तेजी की दूसरी बड़ी वजह वैल्यू बायिंग है। कल बाजार पूरे बाजार में व्यापक बिकवाली हुई। एक ही दिन में मार्केट कैप में करीब 14 लाख करोड़ की कमी आई। सेंसेक्स-निफ्टी सहित ज्यादातर बड़े इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा टूट गए। ऐसे में निवेशकों ने इसे वैल्यू बायिंग का मौके के तौर पर लिया है, जिससे बाजार में व्यापक खरीदारी हो रही है। मार्केट ब्रेड्थ से यह पुष्टि होती है कि खरीदारी चौतरफा है। NSE पर फिलहाल 3,119 स्टॉक्स में ट्रेडिंग हो रही है, जिनमें से 2,444 में खरीदारी देखने को मिल रही है। जबकि, 592 में बिकवाली है।
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