ईरान-अमेरिका युद्ध और होर्मुज बंद होने से कच्चे तेल की कीमत में आग लगी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इसका असर भारतीय शेयर पर हुआ है। भारतीय शेयर बाजार में बड़ी बिकवाली आई है। शेयर मार्केट में हालिया गिरावट ने निवेशकों के सामने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या गिरते शेयर के दाम अच्छी कंपनियों के शेयर आकर्षक कीमत पर खरीदने का मौका है, या अभी और इंतजार करना चाहिए। अगर आप निवेशक हैं तो इस सवाल का जवाब जरूर ढूंढ रहे होंगे। आइए आपको बताते हैं कि शेयर बाजार के इस करेक्शन में कौन से सेक्टर सबसे अधिक गिरे हैं और कहां निवेश का मौका बना है?
किन सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट आई है?
अगर मार्केट डेटा पर नजर डालें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। 9 अक्टूबर, 2026 तक इसमें 13.29 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद 'FMCG इंडेक्स' रहा, जिसमें 9.95 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि 'ऑटो इंडेक्स' 9.55 प्रतिशत नीचे आया। इसी दौरान 'फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स' में 8.41 प्रतिशत और 'निफ्टी IT इंडेक्स' में 5.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, ये गिरावट अलग-अलग सेक्टर में अलग-अलग चुनौतियों को दिखाती है।
निवेशकों को कहां मौके मिल सकते हैं?
मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि जो निवेशक मार्केट में गिरावट (करेक्शन) के दौरान पैसा लगाना चाहते हैं, उन्हें ऐसे बिजनेस पर ध्यान देना चाहिए जिनकी कमाई लगातार होती हो, बैलेंस शीट मजबूत हो और वैल्यूएशन उनकी ग्रोथ की संभावनाओं के हिसाब से सही हो। बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों पर खास तौर पर ध्यान देना चाहिए, खासकर उन पर जिनकी एसेट क्वालिटी अच्छी हो, जिनके पास पर्याप्त कैपिटल हो और जो आर्थिक उतार-चढ़ाव के बावजूद ग्रोथ बनाए रखने की क्षमता रखती हों। हेल्थकेयर और फार्मास्युटिकल कंपनियों पर भी ध्यान दिया जा सकता है, जहां कमाई की संभावना मजबूत प्रोडक्ट्स, लगातार मांग और भरोसेमंद ग्रोथ पाइपलाइन पर टिकी हो। हालांकि, निवेशकों को अलग-अलग कंपनियों का आकलन करना चाहिए, न कि यह मान लेना चाहिए कि पूरे सेक्टर को ही गिरावट से फायदा होगा।
इन बातों का जरूर रखें ख्याल
मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, बाजार में गिरावट निवेश के फैसलों पर दोबारा सोचने का मौका है, न कि गिरते हुए स्टॉक्स में जल्दबाजी में पैसा लगाने की वजह। इन्वेस्टर्स को यह देखना चाहिए कि क्या उनके पोर्टफोलियो में कुछ खास सेक्टर में बहुत ज्यादा निवेश है, क्या उनके निवेश का शुरुआती मकसद अभी भी कायम है, और क्या उनकी होल्डिंग्स उनके फाइनेंशियल लक्ष्यों और रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से सही हैं।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
