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भारत को और महान बनाने का लंबा सफर अभी बाकी, पद्म भूषण मिलने पर ऐसा क्यों बोले उदय कोटक

Uday Kotak: अनुभवी बैंकर और उद्योगपति उदय कोटक ने कहा कि 'पद्म भूषण' मिलने पर वह खुद को 'विनम्र और गौरवान्वित' महसूस कर रहे हैं। सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वित्तीय क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया। कोटक ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि आज का भारत उनके जन्म के समय से बिलकुल अलग है।

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सपनों और संघर्ष की कहानी: उदय कोटक को पद्म भूषण से नवाजा गया (तस्वीर-X)

Uday Kotak : अनुभवी बैंकर और उद्योगपति उदय कोटक को इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत सरकार ने 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया। इस सम्मान के मिलने पर उदय कोटक ने खुद को विनम्र और गौरवान्वित महसूस किया। उन्होंने कहा कि आज का भारत उस भारत से बहुत अलग है, जिसमें उनका जन्म हुआ था। कोटक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह सफर बहुत रोमांचक रहा है। इस गणतंत्र दिवस पर हम कई रास्तों के चौराहे पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कर्म का रास्ता चुना है, जिसमें सावधानी भी है, आगे बढ़ने की इच्छा भी है और जमीनी हकीकतों को समझने की समझ भी है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम सभी मिलकर भारत को और महान बनाएंगे। हमें अभी बहुत लंबा सफर तय करना है।

वित्तीय क्षेत्र में योगदान की पहचान

उदय कोटक को यह सम्मान भारतीय बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में उनके लंबे और गहरे योगदान के लिए दिया गया है। उन्होंने आर्थिक उदारीकरण के बाद एक मजबूत और भरोसेमंद निजी वित्तीय संस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके काम और सोच ने भारतीय वित्तीय क्षेत्र को नई दिशा दी और निजी बैंकिंग के क्षेत्र में कई नए मानक स्थापित किए।

उदय कोटक की प्रेरक यात्रा

उदय कोटक की कहानी भारतीय वित्तीय क्षेत्र की सबसे प्रेरक कहानियों में गिनी जाती है। 1990 के दशक में कोटक फाइनेंस ने ऑटो लोन, निवेश बैंकिंग और शेयर ब्रोकिंग जैसे क्षेत्रों में काम बढ़ाया। उस समय भारत की अर्थव्यवस्था खुल रही थी और निजी वित्तीय संस्थाओं के लिए नए अवसर सामने आए थे। उदय कोटक किसी बड़े कारोबारी परिवार से नहीं थे और उनके पास बड़े निवेशकों का भी समर्थन नहीं था। शुरुआती दौर में कई लोग नई कंपनी को पैसा देने से हिचकिचाते थे। लेकिन उदय कोटक ने ईमानदारी, पारदर्शिता और कम जोखिम वाले कर्ज के सिद्धांतों पर काम किया और कंपनी को धीरे-धीरे सफलता की ओर बढ़ाया।

संघर्ष और सफलता की शुरुआत

उदय कोटक ने अपने फैसले हमेशा सोच-समझकर लिए। उनकी कंपनी की शुरुआती तरक्की परिवार और दोस्तों से लिए गए 30 लाख रुपए के कर्ज से हुई, जिससे बिल डिस्काउंटिंग का कारोबार शुरू हुआ। समय के साथ यह छोटी शुरुआत आगे चलकर भारत के सबसे बड़े निजी बैंकिंग समूहों में से एक बन गई।

कर्म और जिम्मेदारी का मार्ग

उदय कोटक ने कहा कि उन्होंने कर्म का रास्ता चुना है, जिसमें सावधानी, आगे बढ़ने की इच्छा और जमीनी हकीकतों को समझने की क्षमता शामिल है। उन्हें पूरा भरोसा है कि मिलकर भारत को और महान बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी देश को लंबा सफर तय करना है और सभी को मिलकर मेहनत करनी होगी।

निजी बैंकिंग में नई मिसाल

उदय कोटक की सफलता ने यह दिखाया कि सही दृष्टि, मेहनत और ईमानदारी से कोई भी व्यक्ति बड़े व्यवसाय में अपनी पहचान बना सकता है। उनके काम और योगदान ने निजी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत और भरोसेमंद बनाया। उनके सिद्धांत और कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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