Stock Market Valuation : शेयर बाजार में गिरावट आते ही खरीदारी करें या तेजी के दौरान मुनाफा निकाल लें? निवेशकों के लिए यह फैसला आसान नहीं होता। फंड मैनेजर और मार्केट एक्सपर्ट विजय मंत्री ने बाजार की वैल्यूएशन समझने के लिए VMFS Score पेश किया है। 1,000 पॉइंट का यह पैमाना P/E, प्राइस-टू-बुक, डिविडेंड यील्ड समेत 5 संकेतकों के आधार पर बताता है कि बाजार आकर्षक है, उचित वैल्यूएशन पर है या महंगा हो रहा है।
शेयर बाजार में निवेश करने वाले ज्यादातर लोग Sensex और Nifty की चाल पर नजर रखते हैं। बाजार चढ़ता है, तो मुनाफे की उम्मीद बढ़ती है और गिरता है तो नुकसान का डर सताने लगता है। लेकिन निवेश के लिए असली सवाल सिर्फ यह नहीं है कि बाजार ऊपर जा रहा है या नीचे। सवाल यह है कि जिस कीमत पर शेयर खरीदे जा रहे हैं, क्या वह कीमत सही है?
इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए विजय मंत्री ने VMFS Score का फ्रेमवर्क तैयार किया है। इसमें बाजार की वैल्यूएशन को 1,000 पॉइंट के पैमाने पर देखा जाता है। इसका मकसद अलग-अलग संकेतकों को एक साथ रखकर निवेशकों को यह समझने में मदद करना है कि बाजार में निवेश बढ़ाने, मौजूदा निवेश जारी रखने या जोखिम कम करने पर कब विचार करना चाहिए।
क्या है VMFS Score और कैसे करता है काम?
VMFS Score एक प्रोपराइटरी वैल्यूएशन इंडिकेटर है। इसमें 5 प्रमुख पैमानों को शामिल किया गया है।
- पहला है प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो।इससे पता चलता है कि कंपनियों की कमाई के मुकाबले निवेशक शेयरों के लिए कितनी कीमत चुका रहे हैं। बहुत ऊंचा P/E संकेत दे सकता है कि भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदें पहले से ही कीमत में शामिल हैं।
- दूसरा है प्राइस-टू-बुक (P/B) रेश्यो। यह कंपनियों की बुक वैल्यू की तुलना बाजार में उनकी कीमत से करता है।
- इसमें शामिल तीसरा संकेतक डिविडेंड यील्ड है। शेयर की कीमत के मुकाबले मिलने वाला डिविडेंड कितना है, इससे बाजार के वैल्यूएशन की तस्वीर समझने में मदद मिलती है।
- चौथा पैमाना मार्केट कैपिटलाइजेशन-टू-GDP रेश्यो है। इसमें शेयर बाजार की कुल वैल्यू की तुलना देश की अर्थव्यवस्था के आकार से की जाती है।
- आखिर में पांचवां संकेतक ऐतिहासिक रिटर्न है। इससे यह देखने की कोशिश होती है कि बाजार ने पिछले वर्षों में कैसा प्रदर्शन किया है और मौजूदा स्थिति उसके ऐतिहासिक पैटर्न से कितनी अलग है।
इन सभी संकेतकों को मिलाकर VMFS Score तैयार किया जाता है। हालांकि, इस फॉर्मूले में अलग-अलग संकेतकों को कितना वेटेज दिया जाता है, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
जितना कम स्कोर, उतना आकर्षक बाजार?
VMFS फ्रेमवर्क के मुताबिक, कम स्कोर बाजार में अपेक्षाकृत आकर्षक वैल्यूएशन की ओर इशारा करता है, जबकि ऊंचा स्कोर महंगे बाजार का संकेत माना जाता है। इस आधार पर निवेश की रणनीति कुछ इस तरह समझी जा सकती है।
| VMFS Score | बाजार की स्थिति | फ्रेमवर्क के मुताबिक रणनीति | |
| 800 से ऊपर | बेहद महंगा या ओवरहीटेड | पूरी तरह निकलने की सलाह | |
| 700–800 | महंगा | धीरे-धीरे निवेश निकालने पर विचार | |
| 500–700 | महंगा होने की ओर | नई SIP शुरू करने से बचें | |
| 300–500 | फेयर वैल्यूएशन | मौजूदा SIP जारी रखें | |
| 200–300 | आकर्षक | निवेश के अवसर तलाशें | |
| 100–200 | ज्यादा आकर्षक | SIP बढ़ाने पर विचार | |
| 0–100 | बेहद आकर्षक | निवेश बढ़ाने के अवसर तलाशें | |
| 0 से नीचे | असाधारण रूप से आकर्षक | बड़ी रकम लगाने पर विचार |
बाजार में बड़ी रकम लगाने का मौका कब?
VMFS Score की खास बात यह है कि यह बाजार में डर और लालच के बजाय वैल्यूएशन के आधार पर फैसला लेने की कोशिश करता है। जब स्कोर 200 से नीचे होता है, तो फ्रेमवर्क बाजार को आकर्षक मानता है। 100 से नीचे का स्कोर बेहद आकर्षक स्थिति का संकेत माना जाता है। ऐसी परिस्थितियों में निवेश बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है, बशर्ते निवेशक के पास पर्याप्त इमरजेंसी फंड हो, उसका निवेश लंबी अवधि के लिए हो और वह संभावित गिरावट सहने की स्थिति में हो।
विजय मंत्री ने एक दूसरे वैल्यूएशन विश्लेषण में भी ऐतिहासिक आंकड़ों के आधार पर P/E 20 से नीचे, P/B 3.1 से नीचे, डिविडेंड यील्ड 1.4 या उससे अधिक और VMFS Score 300 से नीचे होने के कॉम्बिनेशन पर चर्चा की थी। उनके अनुसार, पिछले दो दशकों के आंकड़ों में इन संकेतकों के एक साथ आने पर अगले 1 से 10 साल के रिटर्न का पैटर्न निवेश के जोखिम को समझने में उपयोगी रहा है। हालांकि, ऐतिहासिक प्रदर्शन भविष्य में मुनाफे की गारंटी नहीं है।
क्या VMFS बाजार चाल बता सकता है?
VMFS Score की उपयोगिता बाजार के वैल्यूएशन को व्यवस्थित तरीके से समझने में है। लेकिन इसे बाजार की अगली चाल बताने वाला अचूक इंडिकेटर नहीं समझना चाहिए। P/E, P/B और डिविडेंड यील्ड जैसे पैमानों पर सेक्टरों के बीच बड़ा अंतर हो सकता है। इसके अलावा ब्याज दरें, कंपनियों की कमाई, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री, आर्थिक विकास और भू-राजनीतिक घटनाएं भी बाजार की दिशा बदल सकती हैं।
डिस्क्लेमर : यह लेख बाजार की वैल्यूएशन से जुड़े विशेषज्ञ विजय मंत्री के VMFS Score फ्रेमवर्क और उनके विचारों पर आधारित है। इसे व्यक्तिगत निवेश सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करें।
