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गिफ्ट निफ्टी से सपाट ओपनिंग के संकेत, एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार

शेयर बाजार के लिए हफ्ते की शुरुआत ग्लोबल संकेतों के बीच सावधानी भरी रह सकती है। GIFT Nifty सपाट ओपनिंग के संकेत दे रहा है। वहीं, US मार्केट में फ्यूचर्स में हल्की तेजी देखने केा मिली है। हालांकि, एशियाई बाजारों का मिलाजुला रुख और क्रूड चिंता बढ़ा सकते हैं।

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शेयर बाजार की शांत शुरुआत के संकेत (इमेज क्रेडिट कैन्वा)

Share Market Today: ग्लोबल बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में सपाट से हल्की पॉजिटिव शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty हरे निशान में कारोबार कर रहा है, जबकि US बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, डो जॉन्स फ्यूचर पॉजिटिव कारोबार कर रहा है। जबकि, क्रूड लगातार 100 डॉलर के ऊपर बना हुआ है।

GIFT Nifty दे रहा सपाट शुरुआत का संकेत

सोमवार सुबह GIFT Nifty करीब 48 अंकों की तेजी के साथ 23,250 के आसपास कारोबार करता दिखा। इससे संकेत मिल रहा है कि घरेलू शेयर बाजार में सपाट या हल्की बढ़त के साथ शुरुआत हो सकती है। हालांकि, तेजी बहुत मजबूत नहीं है, इसलिए शुरुआती कारोबार में वैश्विक संकेतों और निवेशकों की रणनीति के आधार पर बाजार की दिशा तय हो सकती है। पिछले कुछ सत्रों में वैश्विक अस्थिरता के कारण भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया है, ऐसे में निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाते नजर आ रहे हैं।

US बाजारों में दबाव

शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। S&P 500 करीब 0.61 फीसदी टूटकर 6,632 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nasdaq में करीब 0.93 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,105 के आसपास बंद हुआ। तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव और ईरान युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई को लेकर बढ़ती अनिश्चितता निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। हालांकि सोमवार सुबह Dow Jones Futures में हल्की तेजी दिखी, जो बाजार को कुछ सहारा दे सकती है।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

एशियाई बाजारों में सोमवार को मिश्रित कारोबार देखने को मिला। जापान का Nikkei 225 करीब 1 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं चीन का Shanghai Composite भी कमजोरी में रहा। दूसरी ओर ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में हल्की मजबूती देखी गई। हांगकांग का Hang Seng लगभग स्थिर रहा। एशिया में यह मिला-जुला रुख इस बात का संकेत है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम को लेकर सतर्क बने हुए हैं।

बाजारलेटेस्ट स्तरबदलावबदलाव (%)
Nikkei 225 (जापान)53,195-624.61-1.16%
Hang Seng (हांगकांग)25,462-3.60-0.01%
Shanghai Composite (चीन)4,049-46.32-1.13%
Taiwan Weighted (ताइवान)33,412+12.31+0.04%
KOSPI (दक्षिण कोरिया)5,465-22.11-0.40%
Straits Times (सिंगापुर)4,840-1.41-0.03%
Jakarta Composite (इंडोनेशिया)6,953-183.58-2.57%

100 डॉलर के ऊपर क्रूड

कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर तेजी के साथ 100 डॉलर के ऊपर पहुंच गई हैं। Brent Crude करीब 104 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि WTI क्रूड लगभग 99 डॉलर के स्तर पर है। ईरान से जुड़ा तनाव और सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता के कारण तेल की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए महंगा क्रूड बड़ी चुनौती बन सकता है, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ सकता है।

सेगमेंटइंस्ट्रूमेंटलेटेस्ट स्तरबदलावबदलाव (%)
कमोडिटीBrent Crude$104.68+1.54+1.50%
कमोडिटीWTI Crude Oil$99.29+0.58+0.58%
कमोडिटीGold$5,000.92-21.19-0.42%
करेंसीDollar Index100.25-0.11-0.11%
करेंसीUSD/INR92.45+0.25+0.27%

रुपया और डॉलर इंडेक्स पर भी नजर

करेंसी बाजार में डॉलर इंडेक्स करीब 100 के स्तर के आसपास बना हुआ है। वहीं रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर रुख में 92.45 के आसपास कारोबार करता दिखा। अगर डॉलर मजबूत बना रहता है और रुपया दबाव में रहता है तो विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में बाजार की चाल पर करेंसी मूवमेंट का भी प्रभाव देखने को मिल सकता है।

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Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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