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शादी से पहले टर्म इंश्योरेंस लें या बाद में? जानें कब पॉलिसी लेना होगा फायदेमंद

शादी की योजना बना रहे हैं तो टर्म इंश्योरेंस को लेकर भी समय रहते फैसला करना फायदेमंद हो सकता है। कम उम्र में पॉलिसी लेने पर प्रीमियम कम हो सकता है। जानिए शादी से पहले या बाद में बीमा लेना कब बेहतर रहेगा।

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शादी से पहले टर्म इंश्योरेंस लें या बाद में?

शादी जीवन का एक बड़ा फैसला है और इसके साथ आर्थिक जिम्मेदारियां भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए टर्म इंश्योरेंस जरूरी हो सकता है। कई लोग सोचते हैं कि शादी होने के बाद ही जीवन बीमा लेना चाहिए, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। अगर आप कम उम्र में कमाई शुरू कर चुके हैं और परिवार आर्थिक रूप से आप पर निर्भर है, तो शादी से पहले भी टर्म इंश्योरेंस लेने पर विचार कर सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि कम उम्र में आपको उसी बीमा कवर के लिए कम प्रीमियम देना पड़े।

कम उम्र में पॉलिसी लेने से क्या फायदा है?

टर्म इंश्योरेंस एक ऐसा जीवन बीमा है, जिसमें पॉलिसी की अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर नियमों और शर्तों के अनुसार उसके नॉमिनी को बीमा राशि मिलती है। यह पैसा परिवार के रोजमर्रा के खर्च, लोन और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है। आमतौर पर कम उम्र में और स्वस्थ रहने पर पॉलिसी का प्रीमियम कम हो सकता है। एक बार पॉलिसी जारी होने के बाद चुने गए कवर और प्रीमियम भुगतान के विकल्प के लिए दर सामान्यतः तय रहती है, हालांकि यह पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करता है। उम्र बढ़ने या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आने पर नई पॉलिसी लेना महंगा पड़ सकता है या पात्रता प्रभावित हो सकती है।

शादी से पहले पॉलिसी लेना कब सही है?

अगर आप नौकरी करते हैं, आपके ऊपर माता-पिता की आर्थिक जिम्मेदारी है या आपने होम लोन जैसा कोई बड़ा कर्ज लिया है, तो शादी से पहले टर्म इंश्योरेंस उपयोगी हो सकता है। इससे आपके न रहने की स्थिति में परिवार पर आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अगर आप पर कोई आर्थिक निर्भरता नहीं है और न ही कोई बड़ा कर्ज है, तो अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से कवर चुनना चाहिए। केवल कम प्रीमियम के कारण जरूरत से ज्यादा बीमा खरीदना सही नहीं है।

शादी के बाद पॉलिसी लेने का क्या फायदा है?

शादी के बाद जिम्मेदारियां बदल सकती हैं। पति या पत्नी की आय, घर का खर्च, होम लोन और भविष्य में बच्चों की पढ़ाई जैसे लक्ष्यों को ध्यान में रखकर बीमा कवर तय किया जा सकता है। शादी के बाद दोनों पार्टनर की आर्थिक भूमिका का आकलन करना भी जरूरी है। अगर दोनों कमाते हैं, तो दोनों के लिए अलग-अलग टर्म इंश्योरेंस की जरूरत हो सकती है। घर संभालने वाले पार्टनर के योगदान को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनकी अनुपस्थिति में देखभाल और घरेलू कामों के लिए अतिरिक्त खर्च हो सकता है।

क्या ₹1.20 लाख तक की बचत हो सकती है?

कम उम्र में पॉलिसी लेने से लंबे समय में प्रीमियम की बचत संभव है, लेकिन ₹1.20 लाख की बचत हर व्यक्ति के लिए तय नहीं है। यह उम्र, बीमा राशि, पॉलिसी की अवधि, स्वास्थ्य, धूम्रपान की आदत और बीमा कंपनी के प्रीमियम पर निर्भर करती है। इसलिए अलग-अलग कंपनियों के प्लान और शर्तों की तुलना करने के बाद ही फैसला लें।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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