Mutual Fund: देश में कुल म्यूचुअल फंड एसेट्स में पूर्वोत्तर की हिस्सेदारी पिछले चार साल में दोगुनी से अधिक होकर मार्च, 2024 में 40,324 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इक्रा एनालिटिक्स (ICRA Analytics) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शेयरों में निवेश करने के लिए रिटेल निवेशकों के बीच बढ़ती जागरूकता के चलते यह वृद्धि हुई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इससे छोटे शहरों और कस्बों के निवेशकों के बीच म्यूचुअल फंड में निवेश करने की बढ़ती इच्छा का संकेत मिलता है।
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कहां से कहां पहुंची पूर्वोत्तर की हिस्सेदारी
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल एवरेज एसेट अंडर मैनेजमेंट (एएयूएम) में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और त्रिपुरा की संयुक्त हिस्सेदारी मार्च, 2020 में 0.67 प्रतिशत थी। यह हिस्सेदारी मार्च, 2024 में बढ़कर 0.73 प्रतिशत हो गई। इसमें सिक्किम के आंकड़े शामिल नहीं हैं।
कितना किया है निवेश
मार्च, 2020 में इन राज्यों का एसेट बेस 16,446 करोड़ रुपये था, जो इस साल मार्च में बढ़कर 40,324 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल एएयूएम 24.71 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 55.01 लाख करोड़ रुपये हो गई।
बढ़ रही जागरूकता
इक्रा एनालिटिक्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एंड हेड (मार्केट डेटा) अश्विनी कुमार ने कहा कि इंडस्ट्री के कुल एएयूएम में इन राज्यों का योगदान हालांकि अब भी प्रतिशत के लिहाज से कम है, लेकिन लोगों के बीच बढ़ती जागरूकता के कारण इन राज्यों में म्यूचुअल फंड आने वाले निवेश में लगातार वृद्धि हुई है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर म्यूचुअल फंड की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। म्यूचुअल फंड में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
