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RBI ने कैंसिल किया इस बैंक का लाइसेंस, कहीं आपका खाता तो इसमें नहीं

The Ananthasayanam Co-operative Bank: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने द अनंतशयनम को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई की तरफ से इसे नॉन-बैंकिंग संस्थान के रूप में काम करने की अनुमति दी गई है।

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RBI ने द अनंतशयनम को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द किया

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • द अनंतशयनम को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस कैंसल
  • आरबीआई ने कैंसल किया लाइसेंस
  • नॉन-बैंकिंग संस्थान के रूप में काम करने की होगी अनुमति

The Ananthasayanam Co-operative Bank: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने द अनंतशयनम को-ऑपरेटिव बैंक (The Ananthasayanam Co-operative Bank) का लाइसेंस रद्द कर दिया है। हालांकि आरबीआई की तरफ से इसे नॉन-बैंकिंग संस्थान के रूप में काम करने की अनुमति दी गई है। द अनंतशयनम को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, त्रिवेन्द्रम को 'बैंकिंग' का कारोबार करना बंद करने को कहा गया है। इस पर गैर-सदस्यों से पैसा डिपॉडिट करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। ये पाबंदी तुरंत प्रभाव से लागू हुई है।

लौटाना होगा पैसा

इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने द अनंतशयनम को-ऑपरेटिव बैंक से गैर-बैंकिंग संस्थान के रूप में अधिसूचित किए जाने के बाद भी, जब भी मांग की जाए, गैर-सदस्यों की अनपेड और अनक्लेम्ड डिपॉडिट राशि को चुकाने के लिए कहा है।

कब मिला था लाइसेंस

आरबीआई ने भारत में बैंकिंग बिजनेस चलाने के लिए 19 दिसंबर, 1987 को अनंतशयनम सहकारी बैंक को लाइसेंस प्रदान किया था। इससे पहले जुलाई में, केंद्रीय बैंक ने उत्तर प्रदेश के यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस भी रद्द कर दिया था, क्योंकि उसके पास पर्याप्त पूंजी नहीं थी।

आरबीआई ने कहा था कि इसके बाद, बैंक 19 जुलाई, 2023 से इसे बैंकिंग कारोबार बंद करना होगा। आरबीआई ने उत्तर प्रदेश के सहकारी आयुक्त और रजिस्ट्रार से बैंक को बंद करने और बैंक के लिए एक परिसमापक (Liquidator) नियुक्त करने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया था।

क्या होता है परिसमापक

कंपनियों का परिसमापन परिसमापक करता है। परिसमापन प्रॉसेस में कंपनी का वैधानिक अस्तित्व खत्म हो जाता है। इसमें कंपनी की संपत्तियों को बेचकर जो पैसा मिलता है, उससे उसके लोन चुकाए जाते हैं। बाकी पैसा शेयरहोल्डर्स के बीच बांट दिया जाता है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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