Gautam Singhania Nawaz Modi Dispute: कुछ समय पहले रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया और उनकी पत्नी नवाज मोदी अलग हो गए थे। इसके बाद दोनों के बीच सेटलमेंट को लेकर बातचीत चल रही थी। मगर ये बातचीत विफल हो गई है। दरअसल मोदी ने सिंघानिया की 1.4 अरब डॉलर (करीब 11600 करोड़ रु) की संपत्ति में से 75% हिस्सा अपने और अपनी दोनों बेटियों (निहारिका और निसा) के लिए मांगा था। वे इसी मांग पर कायम हैं। वह अपनी नाबालिग बेटी की कस्टडी भी मांग रही है। मोदी और सिंघानिया ने नवंबर 2023 में अलग होने की घोषणा की थी।
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पटरी से उतर गई बातचीत
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार दोनों पक्ष 75% हिस्सेदारी की मांग की तुलना में किसी और उचित समझौते पर सहमत हुए थे। मगर मोदी ने अचानक यू-टर्न ले लिया और सेटलमेंट बातचीत, जो एक समय अच्छी तरह से आगे बढ़ रही थी, पटरी से उतर गई।
आगे क्या होने की है उम्मीद
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार गौतम सिंघानिया के प्रवक्ता के मुताबिक बच्चों की कस्टडी मांगना, जिनमें से एक 18 साल की है, अजीब है। ऐसा तभी होता है जब मामला कोर्ट में हो। उन्होंने कहा कि अब इसका कोई आइडिया नहीं है कि ये मामला कौन सा कानूनी मोड़ लेगा।
हिंदू विवाह अधिनियम का है पेंच
गौतम सिंघानिया हिंदू हैं, वहीं नवाज मोदी पारसी हैं। इस तरह उनकी शादी विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के प्रावधानों के तहत संपन्न हुई। गौतम के पिता विजयपत सिंघानिया पहले ही नवाज का सपोर्ट कर चुके हैं।
ईटी के साथ एक इंटरव्यू में, नवाज मोदी ने दावा किया था कि उनका पति उनकी बेटी को धमकी दे रहा है, जो एक अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी सवार (International Equestrian Rider) है। उन्होंने कहा कि सिंघानिया ने बेटी के खेल के लिए सपोर्ट बंद करने की बात कही है।
