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Mumbai Trans Harbour Link: कल भारत के सबसे लंबे समुद्री पुल का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी, ढाई घंटे का सफर अब होगा मात्र 20 मिनट में

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Jan 11, 2024, 12:15 PM IST

Mumbai Trans Harbor Link Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21.8 किलोमीटर लंबे मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (MTHL) का उद्घाटन करेंगे। इससे ढाई घंटे का सफर घटाकर केवल 20 मिनट हो जाएगा।

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Mumbai Trans Harbour Link: अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु (तस्वीर-ट्विटर)

Photo : Twitter

Mumbai Trans Harbor Link Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (12 जनवरी 2024) को भारत के सबसे लंबे समुद्री पुल का उद्घाटन करेंगे। यह पुल 21.8 किलोमीटर लंबे मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (MTHL) है। जो दक्षिण मुंबई में सेवरी को नवी मुंबई के पास चिरले से जोड़ेगा। मुंबई को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी की दिशा में एक और बड़ा कदम साबित होगा। लेन ड्राइविंग और चौड़ी सड़कों के अलावा ट्रैफिक जाम न होने से यह यात्रा के लिए सोने पर सुहागा होगा। प्रत्येक मुंबईकर के लिए गर्व का पल है जो देश के सबसे लंबे समुद्री पुल पर गाड़ी चलाते समय यात्रा के घंटों की बचत करेगा।

ढाई घंटे का सफर 20 मिनट में

आधिकारिक तौर पर इसे अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु कहा जाता है। यह दोनों नोड्स के बीच यात्रा के समय को ढाई घंटे से घटाकर केवल 20 मिनट कर देगा। अनुमान है कि सालाना 10 करोड़ लीटर ईंधन की बचत होगी। 17,843 करोड़ रुपये की लागत वाले इंजीनियरिंग चमत्कार में कई अनूठी विशेषताएं हैं। करीब 16.5 किमी का विस्तार समुद्र पर और 5.5 किमी भूमि पर है। गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा (अधिकांश मुंबईकरों के लिए एक सपना) होगा। हर 330 मीटर पर कैमरे, पहले 4 किमी में शोर अवरोधक और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए दृश्य अवरोध, यात्रियों को देखने के लिए बहुत कुछ है। शुरुआती 10 किलोमीटर के बाद यात्री मुंबई के क्षितिज और एलिफेंटा गुफाओं के शानदार दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।

इस पर हर दिन चलेंगे 70,000 वाहन

मुंबई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) का अनुमान है कि हर दिन 70,000 वाहन इसका इस्तेमाल करेंगे। छह-लेन लिंक को तीन निर्माण भागों में विभाजित किया गया है। जिसमें एलएंडटी-आईएचआई कंसोर्टियम द्वारा विकसित 10.38 किमी, देवू-टाटा जेवी द्वारा 7.807 किमी और एलएंडटी द्वारा 3.6 किमी शामिल है। लिंक के डेवलपर्स को इस बात पर गर्व है कि उन्होंने इसे बनाया है। उन्होंने कहा कि एमटीएचएल अपनी तरह की कई पहली तकनीकी विशेषताओं और जटिल समुद्री चुनौतियों के साथ एक आधुनिक इंजीनियरिंग चमत्कार है।

इस सेतु पर सफर के लिए देना होगा 250 रुपए टोल चार्ज

राजहंस और अन्य समुद्री वनस्पतियों और जीवों के प्राचीन आवास को बनाए रखने और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने का ध्यान रखा गया है। हालांकि इसका एकमात्र कारण हाई टोल चार्ज है। शुरुआत में MMRDA ने 500 रुपए का टोल प्रस्तावित किया था। जिसे बाद में शहरी विकास विभाग ने घटाकर 350 रुपए कर दिया था। बाद में राज्य कैबिनेट ने इसे घटाकर 250 रुपये कर दिया।

आर्थिक विकास को मिलेगा बूस्ट

एमटीएचएल 300 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रैक और नए हवाई अड्डे के साथ मुंबई के बुनियादी ढांचे को अगले दो वर्षों में एक बड़ा बदलाव मिलने वाला है। 20 मिलियन की एमएमआर आबादी के आकार को देखते हुए बुनियादी ढांचे के विकास से निश्चित रूप से मदद मिलेगी। न्हावा शेवा बंदरगाह के विकास के साथ, यात्री आवाजाही से अधिक, कार्गो आवाजाही बहुत बेहतर होगी, क्योंकि बंदरगाह अब शहर के करीब होगा।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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