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दिल्ली–NCR में रियल एस्टेट की रफ्तार किसके दम पर, मिलेनियल बनाम जेन X में किसकी पकड़ मजबूत?

Delhi-NCR Residential Real Estate: दिल्ली-एनसीआर के आवासीय रियल एस्टेट मार्केट में 2025 में जनरेशन X (1965-1980) और मिलेनियल्स (1981-1996) दोनों सक्रिय घर खरीद रहे हैं। उनकी प्राथमिकताएं, वित्तीय तैयारियां और दृष्टिकोण भिन्न हैं, जो मिलकर बाजार को एक गतिशील और विविध रूप दे रहे हैं। यह दो पीढ़ियां मिलकर डिमांड को नई दिशा दे रही हैं।

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दिल्ली-NCR रियल एस्टेट की जंग: मिलेनियल्स की उछाल या जेन X का स्थिर दांव? (तस्वीर-istock)

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Delhi-NCR Residential Real Estate : दिल्ली-एनसीआर के आवासीय रियल एस्टेट मार्केट 2025 में दो पीढ़ियां बहुत अलग तरीके से डिमांड को बढ़ावा दे रही हैं। जनरेशन X (करीब 1965-1980 के बीच जन्मे) और मिलेनियल्स (1981-1996 के बीच जन्मे)। दोनों सक्रिय तौर पर घर खरीद रहे हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकताएं, वित्तीय तैयारियां और दृष्टिकोण अलग हैं और साथ मिलकर ये दोनों क्षेत्र में एक बेहद गतिशील दौर बना रहे हैं।

जनरेशन X: स्थिरता, पूंजी और लॉन्ग टर्म टारगेट

राजत मेहता, को-फाउंडर और डायरेक्टर, ElitePro Infra के मुताबिक जनरेशन X इस समय एनसीआर में घरों की डिमांड का नेतृत्व कर रही है। यह समूह जो अब अपने 40-50 के दशक में है, ज्यादातर करियर में स्थिर और आर्थिक रूप से सुरक्षित है। ये तैयार मकानों को पसंद करते हैं, खासकर 3-4BHK वाले अपार्टमेंट, जो स्थापित या प्रीमियम टाउनशिप में हों। आगे मेहता ने कहा कि ये खरीदारी अक्सर पहले किए गए निवेश से प्राप्त लाभ से होती है और लॉन्ग टर्म टारगेट जैसे परिवार की स्थिरता, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और रिटायरमेंट प्लानिंग से प्रेरित होती है।

भूतानी ग्रुप के सीईओ अशीष भूतानी जनरेशन X बड़े, सुरक्षित घर खरीद रहे हैं जो लंबे समय तक स्थिरता प्रदान करें। ये वर्तमान डिमांड और स्थिरता को आगे बढ़ा रहे हैं। यह जनरेशन X की व्यवहारिक प्रवृत्ति को दर्शाता है। जो स्थायित्व, सुरक्षा और बहु-पीढ़ी के जीवन पर केंद्रित है, अक्सर पुराने शहर के घरों से बड़े, एकीकृत समुदायों की ओर बढ़ रहे हैं जहां भरोसेमंद इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं हों।

मिलेनियल्स: आकांक्षा, लाइफस्टाइल और किफायती दबाव

वहीं मिलेनियल्स, जो अपने देर 20 से 40 के दशक में हैं, एक युवा और अधिक आकांक्षात्मक समूह हैं जो अक्सर किफायती चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। वे नए प्रोजेक्ट लॉन्च की ओर आकर्षित होते हैं, स्मार्ट सुविधाओं, को-वर्किंग स्पेस, पर्यावरण-अनुकूल फीचर्स और सामुदायिक डिजाइनों को प्राथमिकता देते हैं। मेहता ने कहा कि मिलेनियल्स जीवनशैली-केंद्रित हैं। स्मार्ट सुविधाओं, को-वर्किंग स्पेस और सामुदायिक डिजाइनों की खोज में हैं। हालांकि, वे कीमत को लेकर जागरूक हैं और किफायती मुद्दों के कारण निवेश को टालते हैं।

एक ANAROCK सर्वे (H1 2025) बताता है कि 70% मिलेनियल्स घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, मुख्यतः परिवार बनाने और जीवनशैली की जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए। इसके विपरीत, केवल 46% जनरेशन X अभी भी खरीदारी की योजना बना रहे हैं, जो इसे व्यवसाय निवेश और इमरजेंसी सेविंग के साथ संतुलित कर रहे हैं।

अशीष भूतानी ने इस प्रवृत्ति को व्यवहारिकता और इच्छा का मिलन कहा है। अशिष भूतानी ने कहा कि भूतानी इन्फ्रा के लिए, यह व्यवहारिकता और इच्छा का संगम है। जनरेशन एक्स स्थिरता और वर्तमान मांग का नेतृत्व कर रहा है, और मिलेनियल्स भविष्य-प्रूफ, जीवनशैली-केंद्रित विकास की दिशा में बढ़ रहे हैं।

दो ताकतों द्वारा परिभाषित बाजार

लोहिया वर्ल्डस्पेस के डायरेक्टर पियूष लोहिया कहते हैं कि मिलेनियल्स “ऊर्जा और आकांक्षा” लेकर आते हैं, जबकि जनरेशन एक्स “पूंजी और निर्णायकता” लेकर आता है। वे बताते हैं कि जो बात एनसीआर को 2025 में अनोखा बनाती है वह यह है कि कोई एक पीढ़ी दूसरी से आगे नहीं बढ़ रही, बल्कि उनकी जरूरतें एक-दूसरे को पूरा कर रही हैं। मिलेनियल्स इनोवेशन का टोन सेट करते हैं, जबकि जनरेशन एक्स गहराई और आत्मविश्वास के साथ बाजार को स्थिर करता है।

यह दोहरी डिमांड बाजार की प्रवृत्तियों में दिख रही है। रिपोर्टों के अनुसार, लक्जरी हाउसिंग अब एनसीआर में नए लॉन्च का करीब तीन-चौथाई हिस्सा है और पिछले साल घरों की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है। द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे माइक्रो-मार्केट में मिलेनियल्स मिड-टियर सेगमेंट में प्रवेश कर रहे हैं, जबकि जनरेशन एक्स उसी कॉरिडोर में प्रीमियम यूनिट्स चुन रहा है। फरीदाबाद, मुरादाबाद और सोनीपत जैसे विस्तार वाले इलाके भी नए जोश से उभर रहे हैं।

एनसीआर हाउसिंग का साझा भविष्य

मिलेनियल्स के लिए किफायती और जीवनशैली की विशेषताएं उनके विकल्प तय करती हैं। जनरेशन X के लिए स्थिरता और लॉन्ग टर्म सुरक्षा महत्वपूर्ण है। लेकिन साथ मिलकर, वे एनसीआर के आवास के अगले चरण को आकार दे रहे हैं। जो आकांक्षात्मक होने के साथ-साथ टिकाऊ, स्मार्ट होने के साथ-साथ विशाल भी है। जैसा कि लोहिया कहते हैं कि असली अवसर उन घरों को बनाने में है जो मन के अनुकूल और टिकाऊ हों, स्मार्ट और विशाल हों। जब ये अपेक्षाएं मिलती हैं, तो एनसीआर में आवास सिर्फ एक लेन-देन नहीं रहता, बल्कि यह दो पीढ़ियों के साथ-साथ बनायी गई साझा भविष्य की दृष्टि बन जाता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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