Cryptocurrency Bitcoin: इनकम टैक्स अपीलीय ट्रब्यूनल (ITAT) ने फैसला सुनाया है कि क्रिप्टोकरेंसी पूंजीगत संपत्ति (capital assets) है और सरकार द्वारा बनाए गए 2022 के नियमों से पहले उनकी बिक्री पर किए गए किसी भी लाभ को पूंजीगत लाभ माना जाएगा और उसी के अनुसार टैक्स लगाया जाना चाहिए। उधर दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन 16 दिसंबर को देर रात 4.8 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 107,791 डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
ईकोनॉमिक्स टाइम्स के मुताबिक एक्सपर्ट्स ने कहा कि यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को कैपिटल एसेट्स के रूप में मान्यता देता है। नांगिया एंडरसन में टैक्स पार्टनर (M&A) संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि यह न केवल बिटकॉइन को पूंजीगत संपत्ति के रूप में मान्यता देता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि 2022 में औपचारिक वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA ) व्यवस्था की शुरुआत से पहले की अवधि के लिए इस तरह के लेनदेन को कैसे माना जाना चाहिए।
भारत में क्रिप्टोकरेंसी से आय पर 30% टैक्स
सरकार की लेटेस्ट अधिसूचना के मुताबिक 1 अप्रैल 2022 से वर्चुअल डिजिटल एसेट्स की बिक्री या ट्रांसफर से होने वाली कोई भी आय 30% की दर से टैक्स योग्य है, साथ ही उस पर सरचार्ज और सेस भी लगेगा। जोधपुर में ITAT बेंच ने माना कि क्रिप्टोकरेंसी एक संपत्ति है और इसलिए क्रिप्टोकरेंसी की बिक्री के बेनिफिट पर 'पूंजीगत लाभ' के तहत टैक्स लगाया जाना चाहिए, न कि 'अन्य स्रोतों से आय' के तहत, इससे पहले कि इनकम टैक्स एक्ट में विशिष्ट प्रावधान किया गया। इस बेंच में एस सीतालक्ष्मी और राठौड़ कमलेश जयंतीभाई शामिल थे।
इस मामले में ITAT ने सुनाया ये फैसला
इसके अलावा, चूंकि क्रिप्टोकरेंसी की बिक्री से होने वाली आय पर लॉन्ग टर्म पूंजीगत लाभ पर लागू प्रावधानों के अनुसार टैक्स लगाया जाना है (क्योंकि टैक्सपेयर्स ने इसे तीन साल से अधिक समय तक रखा है) ट्रब्यूनल ने टैक्स अधिकारी को निर्देश दिया कि वह व्यक्ति को कानून के तहत लागू कटौती लाभ की अनुमति दे। ITAT एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रहा था जिसमें एक व्यक्ति ने 2015-16 में 5.05 लाख रुपये मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी खरीदी थी और 2020-21 में उन्हें 6.69 करोड़ रुपये में बेचा था। उसने तर्क दिया कि इन्हें पूंजीगत संपत्ति माना जाना चाहिए, क्योंकि ये लेनदेन सरकार द्वारा इनकम टैक्स एक्ट के तहत वर्चुअल डिजिटल संपत्ति को परिभाषित करने से पहले हुए थे।
क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में उछाल
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप की लहर ने बिटकॉइन को एक और हफ्ते के लिए उछाल दिया है, क्योंकि इसने 15 दिसंबर को लगातार सात सप्ताह तक जीत का सिलसिला जारी रखा है। 2021 के बाद से यह सबसे लंबा ऐसा दौर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी 16 दिसंबर को देर रात 4.8 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़कर 107,791 डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। 17 दिसंबर को सुबह 9.15 बजे (IST) बिटकॉइन पिछले दिन से 2.20 प्रतिशत बढ़कर 106,913.89 पर कारोबार कर रहा था। इसका मार्केट कैप्टलाइजेशन भी 2.11 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले दिन से 1.81 प्रतिशत अधिक है।
