नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने अपने टिकट बुकिंग सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब रेलवे ने ऐसा तकनीकी सिस्टम लगाया है जिससे फर्जी तरीके से टिकट बुक करने वाले एजेंटों पर रोक लगेगी।
रेलवे ने एक खास सुरक्षा तकनीक (Anti-BOT सिस्टम) लगाई है, जो अपने आप टिकट बुक करने वाले गलत सॉफ्टवेयर को पहचानकर रोक देता है। साथ ही रेलवे ने एक बड़ी इंटरनेट कंपनी (CDN सेवा प्रदाता) से भी साझेदारी की है, जिससे रेलवे की वेबसाइट अब और तेज़ चलेगी और आम लोगों को आसानी से टिकट बुक करने में मदद मिलेगी। इस बदलाव से वेबसाइट पर असली यात्रियों को टिकट बुक करने में कोई परेशानी नहीं होगी और सब कुछ पहले से ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी हो गया है।
2.5 करोड़ फर्जी ID बंद
- अब तक 2.5 करोड़ से ज्यादा फर्जी यूज़र ID को बंद किया जा चुका है। इससे आम लोगों को टिकट बुक करने में ज्यादा मौका मिल रहा है।
- 1 मिनट में रिकॉर्ड 31,814 टिकट बुक हुए
- 22 मई 2025 को रेलवे ने एक नया रिकॉर्ड बनाया जब सिर्फ एक मिनट में 31,814 टिकट बुक किए गए। ये नए सिस्टम की ताकत को दिखाता है।
- Aadhaar से जुड़े लोगों को मिल रही जल्दी सुविधा
अब अगर आपका अकाउंट आधार से जुड़ा हुआ है, तो आप रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद तात्काल, प्रीमियम तात्काल और ओपनिंग टिकट बुक कर सकते हैं।
लेकिन जिनका अकाउंट आधार से नहीं जुड़ा है, उन्हें रजिस्ट्रेशन के 3 दिन बाद ही ये टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी।
और क्या-क्या बदला?
- हर दिन वेबसाइट पर आने वाले यूज़र्स की संख्या 82.57 लाख हो गई है (पिछले साल से 19.5% ज़्यादा)।
- हर दिन बुक होने वाले टिकटों की संख्या में 11.85% बढ़ोतरी हुई है।
- अब कुल आरक्षित टिकटों में से 86% से ज्यादा टिकट ऑनलाइन ही बुक हो रहे हैं।
तकनीकी सुधार:
- वेबसाइट अब ज्यादा तेज चलती है क्योंकि उसका ज़्यादातर कंटेंट खास सिस्टम (CDN) से आता है।
- बॉट्स को रोकने के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है।
- फर्जी ID पर कार्रवाई हो रही है और शिकायत दर्ज करने के लिए साइबर क्राइम पोर्टल का इस्तेमाल हो सकता है।
- रेलवे और
IRCTC का कहना है कि वे यात्रियों को सुलभ, सुरक्षित और पारदर्शी टिकट बुकिंग सेवा देने के लिए लगातार काम करते रहेंगे।
