बिजनेस

बेडरूम तक पहुंचा अमेरिका-ईरान तनाव, 30% महंगी हुई ये जरूरी चीज

होर्मुज में फंसे जहाजों की वजह से दुनियाभर में कई चीजें महंगी हो गई हैं, जिसमे पानी से लेकर खाने पीने के सामान शामिल हैं और अब ये बैडरूम तक भी पहुंच गया है।

Image

Expensive

जब भी दो देशों के बीच युद्ध होता है, तो अक्सर हम पेट्रोल, डीजल या खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने की बात करते हैं। लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव ने इस बार सीधे आपके बेडरूम में दस्तक दे दी है। दुनिया की सबसे बड़ी कंडोम निर्माता कंपनी 'कारेक्स' (Karex) ने कंडोम की कीमतों में 20% से 30% तक की भारी बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। मलेशिया स्थित यह कंपनी दुनिया भर के कंडोम बाजार की सबसे बड़ी खिलाड़ी है और इसका यह फैसला वैश्विक स्तर पर करोड़ों पर असर डालने वाला है।

सप्लाई चेन और मालभाड़े का संकट

कंपनी के सीईओ गोह मियाह कियात (Goh Miah Kiat) के अनुसार, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध की वजह से समुद्री रास्ते असुरक्षित हो गए हैं। जहाजों को रास्ता बदलकर जाना पड़ रहा है, जिससे मालभाड़ा (Shipping Freight) काफी बढ़ गया है और डिलीवरी में हफ़्तों की देरी हो रही है। स्थिति इतनी नाजुक है कि कई देशों में बड़े खरीदारों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिससे मांग में अचानक उछाल आया है। कंपनी का कहना है कि लागत इतनी बढ़ चुकी है कि अब उनके पास कीमतों को बढ़ाकर ग्राहकों पर बोझ डालने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

कच्चे माल की कीमतों में 'आग'

ईरान युद्ध के कारण केवल तेल ही नहीं, बल्कि पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी प्रभावित हुए हैं। कंडोम बनाने में इस्तेमाल होने वाले जरूरी कच्चे माल की कीमतें आसमान छू रही हैं। फरवरी के बाद से सिंथेटिक रबर, नाइट्राइल और सिलिकॉन ऑयल जैसी चीजों की लागत में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। सिलिकॉन ऑयल की कीमत करीब 30% तक बढ़ गई है। नाइट्राइल लेटेक्स के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं। नेचुरल रबर जनवरी से अब तक इसकी कीमत में एक-तिहाई (33%) का इजाफा हुआ है। इसके अलावा कंडोम की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली एल्युमिनियम फॉयल भी महंगी हो गई है, जिससे कुल उत्पादन लागत बढ़ गई है।

दिग्गज ब्रांड्स पर पड़ेगा असर

मलेशिया की यह कंपनी Karex हर साल लगभग 5 अरब से ज्यादा कंडोम बनाती है। यह कंपनी न केवल अपने ब्रांड बेचती है, बल्कि दुनिया के सबसे मशहूर ब्रांड्स जैसे 'ड्यूरेक्स' (Durex) और 'ट्रोजन' (Trojan) को भी भारी मात्रा में सप्लाई करती है। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले दिनों में आप चाहे किसी भी ब्रांड का कंडोम खरीदें, आपको उसके लिए 20 से 30 फीसदी ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि युद्ध के कारण सप्लाई चेन का संकट जारी रहा, तो भविष्य में कीमतें और भी ज्यादा बढ़ाई जा सकती हैं।

डिलीवरी में देरी और बढ़ती मांग

शिपिंग संकट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यूरोप और अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में सामान पहुँचने में अब दोगुना समय लग रहा है। पहले जहाँ माल एक महीने में पहुँच जाता था, अब वहाँ दो महीने से ज्यादा का समय लग रहा है। एक तरफ सप्लाई कम हो रही है, तो दूसरी तरफ इस साल कंडोम की वैश्विक मांग में करीब 30% की बढ़ोतरी देखी गई है। मांग और आपूर्ति के बीच का यह बड़ा अंतर आने वाले समय में बाजार में 'कंडोम की कमी' (Shortage) का कारण भी बन सकता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article