India-US Trade Agreement 2026: भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच तीन दिवसीय महत्वपूर्ण व्यापार वार्ता 23 अप्रैल को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस बैठक में दोनों देशों ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने और बातचीत की इस सकारात्मक गति को बनाए रखने के लिए लगातार संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश अपने व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं।
बाजार पहुंच से लेकर डिजिटल व्यापार पर हुई चर्चा
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस दौरान कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें बाजार पहुंच (Market Access), गैर-शुल्क उपाय (Non-Tariff Measures), व्यापार में तकनीकी बाधाएं (Technical Barriers to Trade), सीमा शुल्क (Customs), व्यापार सुगमीकरण (Trade Facilitation), निवेश प्रोत्साहन (Investment Promotion), आर्थिक सुरक्षा (Economic Security) और डिजिटल व्यापार (Digital Trade) जैसे विषय शामिल रहे। इन सभी क्षेत्रों को भविष्य के व्यापारिक सहयोग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठकें सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुईं आयोजित
मंत्रालय ने बताया कि यह बैठकें सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में आयोजित की गईं, जहां दोनों पक्षों ने प्रमुख मुद्दों पर आगे बढ़ने के लिए सार्थक और भविष्य को ध्यान में रखते हुए चर्चा की। दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि नियमित संवाद और सहयोग के माध्यम से व्यापारिक संबंधों को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।
दरअसल, भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी किया था, जिसमें पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार के लिए एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देने की बात कही गई थी। यह ढांचा एक व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने किया तीन दिवसीय वाशिंगटन डीसी दौरा
मंत्रालय के अनुसार, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस अंतरिम समझौते के विभिन्न पहलुओं को अंतिम रूप देने और व्यापक बीटीए वार्ता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ बैठक के लिए वॉशिंगटन का दौरा किया, जो कि 20-23 अप्रैल तक आयोजित किया गया था। इस पहल से यह साफ संकेत मिलता है कि दोनों देश व्यापारिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह वार्ता भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते आर्थिक संबंधों का संकेत मानी जा रही है, जो आने वाले समय में वैश्विक व्यापार पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
