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कनाडा की इन कंपनियों की भारत में हो रही है जमकर कमाई, टेंशन में भी नहीं छोडेंगी साथ !

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Sep 22, 2023, 10:56 AM IST

India-Canada Tension And Companies Investment: ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार कनेडियन पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB)ने भारत में एक साल पहले तक करीब 21 अरब डॉलर (1.7 लाख करोड़ रुपये) का निवेश कर रखा है। इसमें से करीब 9600 करोड़ रुपये देश के प्रमुख प्राइवेट बैंक कोटक महिंद्रा बैंक में निवेश कर रखा है।

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भारत से मोटी कमाई

India-Canada Tension And Companies Investment:भारत और कनाडा के बीच बढ़ते टेंशन से दोनों देशों के बीच हो रहे बिजनेस पर होने वाले असर को लेकर सवाल उठने लगे है। भारतीय की कई कंपनियों में कनाडा के सबसे बड़े पेंशन फंड मैनेजर्स का निवेश है। और यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या ये फंड मैनेजर भारत से अपना निवेश निकाल लेंगे। हालांकि ऐसा होने की संभावना बहुत कम दिख रही है, क्योंकि इन पेंशन फंड मैनेजर्स को भारत से तगड़ा रिटर्न मिल रहा है। और अभी तक दोनों देशों की सरकारों ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है जिससे बिजनेस रिश्तों पर असर पड़े।

तीन पेंशन फंड का करीब 2.5 लाख करोड़ निवेश

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार कनेडियन पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB)ने भारत में एक साल पहले तक करीब 21 अरब डॉलर (1.7 लाख करोड़ रुपये) का निवेश कर रखा है। इसमें से करीब 9600 करोड़ रुपये देश के प्रमुख प्राइवेट बैंक कोटक महिंद्रा बैंक में निवेश कर रखा है।इसी तरह जोमैटो,पेटीएम और नाइका जैसी कंपनियों में पेंशन फंड की हिस्सेदारी है।

इसके अलावा Caisse de Depot et Placement du Quebecपेंशन फंड ने करीब 8 अरब डॉलर और Ontario Teachers’ Pension Plan ने 3 अरब डॉलर का निवेश कर रखा है। जो कि कुल मिलाकर करीब 32 अरब डॉलर यानी 2.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश है।

इन कंपनियों को मिल रहा है जबरदस्त रिटर्न

इस बीच एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि तनाव को दोनों देशों के बीच निवेश संबंधों पर कोई तात्कालिक असर पड़ने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि कनाडा के पेंशन कोषों को भारत में तगड़ा रिटर्न मिल रहा है और उन्होंने भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश किया हुआ है।उन्होंने कहा, “कनाडा के पेंशन कोष यहां इसलिए हैं क्योंकि उन्हें यहां अच्छा रिटर्न मिल रहा है.. ऐसे में मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता है कि वे मौजूदा स्थिति की वजह से यहां से निकल जाएं। उम्मीद है कि यह स्थिति जल्द ही निपट जाएगी।”अधिकारी ने कहा, “उन कोष को भारत जितना रिटर्न और कहीं नहीं मिल सकता। मैं भारत में कनाडा से आने वाले निवेश पर कोई प्रभाव नहीं देखता। भारत से कनाडा में निवेश में भी कोई तात्कालिक प्रभाव नहीं दिखाई देता है।”

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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