Gold Price Prediction: वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक जोखिम, अमेरिकी डॉलर सूचकांक में लगातार कमजोरी और व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण आने वाले सप्ताह में सोने की कीमतों में मजबूती रहने की उम्मीद जताई जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति (CPI) और खुदरा बिक्री के आंकड़ों पर गहन निगरानी रखेंगे, जो सोने की कीमतों को दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Gold Price Prediction: बाजार एक्सपर्ट्स की राय
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक और जिंस एवं मुद्रा विभाग के उपाध्यक्ष जतीन त्रिवेदी ने कहा है कि अगर सोना MCX पर 97,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से ऊपर बना रहता है तो इस हफ्ते में इसके कारोबार में मजबूती देखने को मिलेगी। उन्होंने आगे बताया कि व्यापार शुल्कों को लेकर नए सिरे से बढ़ी चिंताएं और अमेरिकी डॉलर सूचकांक में कमजोरी ने वैश्विक निवेशकों को जोखिम भरी संपत्तियों से हटकर सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित किया है, जिससे सोने की मांग बढ़ रही है।
त्रिवेदी ने यह भी कहा कि कमजोर भारतीय रुपया भी सोने की कीमतों में तेजी को और प्रोत्साहित कर सकता है। पिछले सप्ताह MCX पर अगस्त डिलीवरी के लिए सोने का वायदा भाव 842 रुपये या 0.86 प्रतिशत बढ़ गया था, जो इस प्रवृत्ति का संकेत है।
Gold Price: वैश्विक घटनाक्रमों का प्रभाव
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के जिंस शोध प्रमुख हरीश वी ने कहा कि सप्ताह की शुरुआत में इजरायल और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा अमेरिका में उम्मीद से बेहतर गैर-कृषि पेरोल आंकड़ों के कारण सोने की मांग में थोड़ी नरमी आई थी। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा और ब्राज़ील पर भारी व्यापार शुल्क लगाने के बाद व्यापार युद्ध की आशंकाएं बढ़ गईं, जिससे सोने की कीमतों में तेजी आई और सर्राफा मांग में वृद्धि हुई।
हरीश वी ने यह भी बताया कि बाजार निवेशक भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते की बातचीत पर नजर बनाए हुए हैं, जो आने वाले समय में सोने की कीमतों पर प्रभाव डाल सकता है।
