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दूध ने बिगाड़ा खेल,घी-पनीर से लेकर आइसक्रीम तक सब होगा महंगा

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Feb 28, 2023, 06:05 PM IST

Milk Prices: दूध की कीमतें पिछले एक साल में 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुकी है। और अगर अक्टूबर से दिसंबर के दौरान दूध की खरीद देखी जाय तो उसमें 3 फीसदी की गिरावट आई थी और मांग में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

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दूध की बढ़ती कीमतें बढ़ाएंगी परेशानी

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Milk Prices: लगातार बढ़ती दूध की कीमतें अब उसके उत्पादों पर भी असर डाल सकती हैं। इसकी वजह से घी से लेकर आइसक्रीम, पनीर सहित दूसरे उत्पादों की कीमतें आने वाले दिनों में बढ़ सकती है। जिसका सीधा असर आम आदमी की थाली पर पड़ने वाला है। और इसका अंदाजा सरकार को भी हो चुका है। इसीलिए फरवरी के आखिरी हफ्ते में केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय उद्योग जगत के साथ बैठक भी कर चुका है। जिसमें जीएसटी रेट घटाने से लेकर मंडी टैक्स खत्म करने और कुछ उत्पादों के आयात बढ़ाने का भी प्रस्ताव सरकार को दिया गया है। क्योंकि ऐसी आशंका है कि फ्लश सीजन खत्म होने के बाद गर्मियों में दूध के उत्पादन में और कमी आ सकती है। जिसका असर कीमतों पर दिख सकता है।

10 रुपये तक महंगा हो चुका है दूध

दूध की कीमतें पिछले एक साल में 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुकी है। और अगर अक्टूबर से दिसंबर के दौरान दूध की खरीद देखी जाय तो उसमें 3 फीसदी की गिरावट आई थी और मांग में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। जिसका असर कीमतों में दिख रहा है। सप्लाई में कमी के कारण घी की कीमतें 20 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं। और जिस तरह फरवरी में औसत तापमान 2-3 डिग्री सेंटीग्रेड ज्यादा है, उसका असर दूध के कम उत्पादन में दिख सकता है। क्योंकि गर्मियों में फ्लश सीजन नहीं होने के कारण दूध का उत्पादन पहले से ही कम रहता है।

कीमतों में राहत के लिए क्या घटेगा टैक्स

जिस तरह इंडस्ट्री ने जीएसटी, मंडी टैक्स में कटौती से लेकर आयात बढ़ाने की मांग की है, उसे साफ है कि फिलहाल मांग और आपूर्ति का समीकरण अभी संतुलित नहीं होने वाला है। इस समय डेयरी उत्पादों पर 12 फीसदी जीसएटी लगता है। जिसे घटाकर 5 फीसदी करने की मांग की गई है। अगर इस स्तर पर राहत नहीं मिलती है तो एक बात तय है त्योहारों में घी, पनीर और आइसक्रीम जैसे उत्पादों की कीमतों में इजाफा हो सकता है। जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब और थाली पर होगा।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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