Milk Prices: लगातार बढ़ती दूध की कीमतें अब उसके उत्पादों पर भी असर डाल सकती हैं। इसकी वजह से घी से लेकर आइसक्रीम, पनीर सहित दूसरे उत्पादों की कीमतें आने वाले दिनों में बढ़ सकती है। जिसका सीधा असर आम आदमी की थाली पर पड़ने वाला है। और इसका अंदाजा सरकार को भी हो चुका है। इसीलिए फरवरी के आखिरी हफ्ते में केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय उद्योग जगत के साथ बैठक भी कर चुका है। जिसमें जीएसटी रेट घटाने से लेकर मंडी टैक्स खत्म करने और कुछ उत्पादों के आयात बढ़ाने का भी प्रस्ताव सरकार को दिया गया है। क्योंकि ऐसी आशंका है कि फ्लश सीजन खत्म होने के बाद गर्मियों में दूध के उत्पादन में और कमी आ सकती है। जिसका असर कीमतों पर दिख सकता है।
10 रुपये तक महंगा हो चुका है दूध
दूध की कीमतें पिछले एक साल में 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुकी है। और अगर अक्टूबर से दिसंबर के दौरान दूध की खरीद देखी जाय तो उसमें 3 फीसदी की गिरावट आई थी और मांग में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। जिसका असर कीमतों में दिख रहा है। सप्लाई में कमी के कारण घी की कीमतें 20 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं। और जिस तरह फरवरी में औसत तापमान 2-3 डिग्री सेंटीग्रेड ज्यादा है, उसका असर दूध के कम उत्पादन में दिख सकता है। क्योंकि गर्मियों में फ्लश सीजन नहीं होने के कारण दूध का उत्पादन पहले से ही कम रहता है।
कीमतों में राहत के लिए क्या घटेगा टैक्स
जिस तरह इंडस्ट्री ने जीएसटी, मंडी टैक्स में कटौती से लेकर आयात बढ़ाने की मांग की है, उसे साफ है कि फिलहाल मांग और आपूर्ति का समीकरण अभी संतुलित नहीं होने वाला है। इस समय डेयरी उत्पादों पर 12 फीसदी जीसएटी लगता है। जिसे घटाकर 5 फीसदी करने की मांग की गई है। अगर इस स्तर पर राहत नहीं मिलती है तो एक बात तय है त्योहारों में घी, पनीर और आइसक्रीम जैसे उत्पादों की कीमतों में इजाफा हो सकता है। जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब और थाली पर होगा।
