आमतौर पर लोग सोचते हैं कि हैकर्स का निशाना मोबाइल, कंप्यूटर या बैंक खाते होते हैं, लेकिन फ्रांस में सामने आई घटना ने दिखाया कि इंटरनेट से जुड़े दूसरे उपकरण भी साइबर हमले का शिकार हो सकते हैं। 11 और 12 अक्टूबर 2026 की रात फ्रांस के कई सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले से इंटरमार्शे, कैरेफोर, कोऑपरेटिव यू और दूसरे रिटेल स्टोर प्रभावित हुए। हैकर्स ने फ्रिज और फ्रीजर को नियंत्रित करने वाले सिस्टम में बदलाव किया, जिससे उनकी सामान्य कूलिंग प्रक्रिया प्रभावित हुई और तापमान बढ़कर करीब 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
लाखों का सामान हुआ खराब, भारी नुकसान की आशंका
फ्रिज और फ्रीजर का काम खाने-पीने की चीजों को सुरक्षित तापमान पर रखना होता है। लेकिन जब तापमान अचानक बढ़ा, तो दूध, मांस, आइसक्रीम और दूसरे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को फेंकना पड़ा। कुछ जगहों पर उपकरणों को नुकसान पहुंचने और आग लगने की घटनाएं भी सामने आईं। इंटरमार्शे से जुड़ी करीब 150 दुकानों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई। कंपनी के मुताबिक, कई जगहों पर सुरक्षा के लिहाज से खराब होने की आशंका वाले खाद्य पदार्थों को नष्ट करना पड़ा। शुरुआती रिपोर्ट्स में देशभर में एक दिन के नुकसान का अनुमान करोड़ों यूरो तक बताया गया है। हालांकि, कुल नुकसान का अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है।
पुराने सॉफ्टवेयर की कमजोरी बनी वजह?
शुरुआती जांच में डैनफॉस कंपनी के रेफ्रिजरेशन कंट्रोल सिस्टम के पुराने सॉफ्टवेयर और सुरक्षा संबंधी कमजोरियों की भूमिका सामने आई है। ये सिस्टम इंटरनेट के जरिए दूर से नियंत्रित और मॉनिटर किए जा सकते हैं। अगर इनकी सुरक्षा कमजोर हो या जरूरी अपडेट नहीं किए गए हों, तो हैकर्स इसका फायदा उठा सकते हैं। फ्रांस की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने मामले की जांच शुरू की है। फिलहाल हमले के पीछे किस व्यक्ति या समूह का हाथ है, यह स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसे किसी खास देश की साजिश बताना अभी सही नहीं होगा।
अपने स्मार्ट डिवाइस को हैकिंग से कैसे बचाएं?
यह घटना बताती है कि इंटरनेट से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्मार्ट टीवी, कैमरा, फ्रिज या दूसरे कनेक्टेड डिवाइस इस्तेमाल करते समय उनके सॉफ्टवेयर और फर्मवेयर को समय-समय पर अपडेट करें। मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड रखें तथा राउटर का पासवर्ड भी सुरक्षित बनाएं। अनजान वाई-फाई नेटवर्क से जुड़ने और संदिग्ध लिंक खोलने से बचें। जिन स्मार्ट उपकरणों को इंटरनेट की जरूरत नहीं है, उन्हें नेटवर्क से डिस्कनेक्ट रखना बेहतर हो सकता है। कंपनियों और दुकानदारों को भी पुराने सिस्टम बदलने और रिमोट एक्सेस सुरक्षित करने पर ध्यान देना चाहिए। फ्रांस की यह घटना साफ करती है कि साइबर सुरक्षा अब सिर्फ मोबाइल या कंप्यूटर तक सीमित नहीं है।
