Festive Bonus 2026 : दीवाली और फेस्टिव सीजन आते ही कई कंपनियों में कर्मचारियों को फेस्टिव बोनस मिलने की उम्मीद होती है। अगर आपको भी इस बार पांच हजार, दस हजार या इससे ज्यादा का बोनस मिलने वाला है, तो इसे बिना सोचे-समझे खर्च करने के बजाय सही जगह निवेश करना समझदारी होगी। साल 2026 में अलग-अलग एसेट क्लासेज के रिटर्न में उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह सवाल अहम हो जाता है कि म्यूचुअल फंड, गोल्ड या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में से कहां निवेश किया जाए।
कहां मिल रहा है कितना रिटर्न?
इस साल बाजार के रुझान को समझें तो अलग-अलग विकल्पों का प्रदर्शन अलग रहा है। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में साल 2026 में अब तक लार्ज-कैप फंड्स का रिटर्न -10.04% और फ्लेक्सी-कैप का -4.62% रहा है, जबकि स्मॉल-कैप फंड्स ने 8.44% का पॉजिटिव रिटर्न दिया है। हालांकि 3 साल के लंबे नजरिए से देखें तो सभी कैटेगरी ने 8% से 13% तक का ठीक-ठाक रिटर्न दिया है। वहीं, गोल्ड ईटीएफ और फंड्स ने इस साल अब तक 11.33% और पिछले 3 सालों में 36.85% का शानदार रिटर्न देकर अपनी चमक फिर साबित की है। दूसरी ओर, बैंकों में एफडी की ब्याज दरें फिलहाल HDFC, ICICI और एक्सिस बैंक जैसी प्रमुख जगहों पर अधिकतम 6.50% के आसपास चल रही हैं।
एक्सपर्ट्स की क्या है राय?
मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक बजाज कैपिटल एलएपी के चीफ बिजनेस अधिकारी उत्तम अग्रवाल का कहना है कि पांच साल या उससे अधिक के निवेश क्षितिज वाले लोग म्यूचुअल फंड चुन सकते हैं। हालांकि बाजार की अस्थिरता से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि एसआईपी या एसटीपी के जरिए तीन से छह महीने में पैसे को लगाना बेहतर रहता है। एफडी उन पैसों के लिए सही है जिनकी जरूरत आपको जल्द ही पड़ने वाली है। मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक फिनटू के सीईओ मनीष पी. हिंगार मौजूदा बाजार माहौल को देखते हुए सारा पैसा एक जगह लगाने के बजाय विविधीकरण यानी डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाने की सलाह देते हैं। उनके मुताबिक 60% म्यूचुअल फंड, 10% गोल्ड और 30% एफडी में निवेश का फॉर्मूला सही हो सकता है। वेल्थ कैफे के संस्थापक हर्ष वर्धन दावर का मानना है कि जिन निवेशकों का इक्विटी एलोकेशन बाजार गिरने से कम हो गया है, वे इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर विचार कर सकते हैं।
कौन सा म्यूचुअल फंड और कितना निवेश क्षितिज?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, मौजूदा बाजार वैलुएशन को देखते हुए लार्ज-कैप फंड्स बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड अनुपात देते हैं। हालांकि अनिश्चित बाजार को देखते हुए बैलेंस्ड एडवांटेज और मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स जैसे हाइब्रिड फंड्स भी अच्छा विकल्प हैं, जो अपने आप इक्विटी और डेट का संतुलन बदलते रहते हैं। निवेश अवधि की बात करें तो इक्विटी और हाइब्रिड फंड्स के लिए कम से कम 5 साल का समय होना चाहिए ताकि बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम हो सके। गोल्ड ईटीएफ 3 से 5 साल के लिए एक अच्छा डायवर्सिफायर है, जबकि एफडी का इस्तेमाल किसी तय लक्ष्य जैसे स्कूल की फीस या डाउन पेमेंट के लिए किया जाना चाहिए।
निवेश से पहले रखें इन बातों का ध्यान
बोनस का इस्तेमाल करने से पहले मनीष पी. हिंगार सलाह देते हैं कि सबसे पहले महंगे कर्ज चुका लें, आपातकालीन फंड (इमरजेंसी सेविंग्स) की जांच करें और अपने बीमा की जरूरतों का रिव्यू करें। सबसे जरूरी बात यह है कि केवल हाल ही में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले विकल्प के पीछे भागने के बजाय अपने वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश अवधि के आधार पर ही अनुशासित तरीके से बोनस का सही इस्तेमाल करें।
